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कोलकाता में आयोजित ICAA ग्लोबल वेल्थ समिट : ‘इन्वेस्टर फर्स्ट’ का गूंजा बड़ा संदेश

कोलकाता में आयोजित हुआ ICAA का यह समिट, निवेश की दुनिया के A-Z पर हुई चर्चा…

कोलकाता : भविष्य के लिए संपत्ति बनाने के लिए आम निवेशकों का भरोसा अब विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फंड पर है। इसके साथ ही बॉन्ड, स्टॉक मार्केट समेत कई अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। और इस काम में निवेशकों को सलाह देते हैं फाइनेंशियल एक्सपर्ट। इस सूची में जहां इन्वेस्टमेंट एडवाइजर शामिल हैं, वहीं सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर भी हैं। इन्हीं को लेकर कोलकाता में एक चर्चा सभा आयोजित की गई।

ICAA (इंडिपेंडेंट कंसल्टेंट्स एंड एडवाइजर्स एसोसिएशन)–MFD एसोसिएशन के आयोजन में कोलकाता के जेडब्ल्यू मैरियट में ग्लोबल वेल्थ समिट आयोजित हुआ। 20 से 22 मार्च तक चले इस सम्मेलन में देशभर के कई फाइनेंशियल एक्सपर्ट और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के प्रतिनिधि शामिल हुए।

इसमें भारत के स्टॉक मार्केट के नियामक SEBI और एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस निवेश संबंधी चर्चा में हर स्तर पर निवेशकों के हित को प्राथमिकता देने का संदेश सामने आया।

ICAA के जॉइंट सेक्रेटरी विवेक जोशी ने बताया कि भारत के इस सेक्टर में “इन्वेस्टर फर्स्ट” के मंत्र पर आगे बढ़ना होगा। साथ ही निवेश के लिए डिस्ट्रीब्यूटर की आवश्यकता को भी नकारा नहीं जा सकता। यही संदेश ICAA के संस्थापक और चेयरमैन गौतम कर्मकार ने भी दिया।

उन्होंने बताया कि यह संगठन केवल डिस्ट्रीब्यूटर के लिए ही काम नहीं करता, बल्कि निवेशकों की फाइनेंशियल लिटरेसी पर भी काम करता है। संगठन के सेक्रेटरी सुजन दास ने कहा कि इस ग्लोबल वेल्थ समिट में हम सिर्फ इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट ही नहीं, बल्कि व्यापक रूप से कई विषयों पर चर्चा कर रहे हैं। देशभर से 300 से अधिक प्रतिनिधि आए हैं। हम उन्हें बेहतर सेवा देने के लिए जागरूक कर रहे हैं। यहां 360 डिग्री कवरेज है।”

सबसे पहले निवेशकों का हित

कार्यक्रम में SEBI के प्रतिनिधि श्री आनंद भी उपस्थित थे। उनका संदेश था कि एथिकल बिजनेस करना चाहिए और निवेशकों के हित को सबसे पहले रखना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कारोबार SEBI के सभी नियमों का पालन करते हुए होना चाहिए।

मिस-सेलिंग नहीं…

कार्यक्रम में AMFI के डिप्टी CEO एस. एल. पांडियन ने मिस-सेलिंग से बचने की बात कही। म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर के एक छोटे से हिस्से पर गलत प्रोडक्ट बेचने या गलत निवेश कराने के आरोप लगते हैं। उन्होंने इस पर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। उनके अनुसार भले ही विदेशी निवेशक (FII) बाजार से निकल जाएं, लेकिन घरेलू निवेशक (DII) के समर्थन से गिरावट को काफी हद तक रोका जा सकता है। इस स्थिति के पीछे निवेशकों और डिस्ट्रीब्यूटरों का लंबे समय का संघर्ष रहा है, जिसे और बेहतर बनाने की जरूरत है।

Gen Z का मुद्दा

एस. एल. पांडियन ने Gen Z पीढ़ी के निवेश व्यवहार पर भी बात की। उनके अनुसार यह पीढ़ी हमेशा बेहतर सेवा की तलाश में रहती है। इसलिए उनका भरोसा जीतने के लिए सिर्फ अच्छी सेवा ही नहीं, बल्कि तेजी से प्रतिक्रिया देना भी जरूरी है।

AI, ऑटोमेशन एवं..

कार्यक्रम में फाइनेंशियल प्लानिंग स्टैंडर्ड्स बोर्ड (FPSB) के CEO चंद्रकांत सुरेका भी मौजूद थे। उन्होंने अपने संबोधन में AI और ऑटोमेशन का जिक्र किया। उनके अनुसार AI, ऑटोमेशन और डेटा एनालिसिस के प्रभाव से निवेश का तरीका काफी बदल गया है। इसके साथ ही निवेशकों की जरूरतें और लक्ष्य भी बदल गए हैं और उसी के अनुसार चलना जरूरी है।

आज AI प्लेटफॉर्म फाइनेंशियल प्लानिंग करने के साथ निवेश का गहराई से विश्लेषण भी कर रहे हैं। ऐसे में क्या म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर या सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर का भविष्य खत्म हो जाएगा? इस पर चंद्रकांत सुरेका ने कहा कि AI को प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सहयोगी बनाना चाहिए। उनके अनुसार किसी निवेशक के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग में सहानुभूति और मानवीय दृष्टिकोण जरूरी है, जो AI कभी नहीं दे सकता। निवेश की दुनिया में सबसे बड़ी पूंजी विश्वास है, इसलिए निवेशकों का भरोसा जीतना जरूरी है।


निजी चित्र Ei Samay


यही बात ‘द वेल्थ कंपनी’ की CEO मधु लुनावत ने भी कहा। उनके अनुसार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए निवेश से लेकर बीमा, एसेट प्लानिंग से लेकर अन्य फाइनेंशियल सेवाएं देना जरूरी है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि डिस्ट्रीब्यूटर को लगातार ट्रेनिंग लेकर खुद को अपडेट रखना चाहिए। चंद्रकांत सुरेका की तरह उन्होंने भी AI ट्रेनिंग में दक्ष होने पर जोर दिया।

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