नई दिल्ली: ईरान-इजरायल जंग का अंत कब होगा, इसका फैसला कब होगा, पता नहीं। वो अलग बात है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने अलग-अलग बयानों में इस युद्ध के अंत की बात करते हैं पर अगले ही पल उनका रुख बदल जाता है। दोनों देशों के बीच जारी वॉर अब अपने 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है। ईरान ने इजरायल के दो शहरों अराद और डिमोना पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं जिसके बाद वहां कुल 100 से ज्यादा घायल हो गए। इजरायल ने भी जवाबी हमले में तेहरान पर स्ट्राइक कर दी है। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 48 घंटे के अंदर खोलने की चेतावनी दी है। ऐसा न करने पर अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा। ईरान ने भी इसका जवाब देते हुए कहा कि यदि उनके पावर ग्रिड या बिजली संयंत्रों पर हमला हुआ तो वह पूरे मध्य पूर्व में अमेरिका और इजरायल से जुड़े तेल और गैस के ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ईरानी अधिकारी इस्माइल बकाई का कहना है कि जब देश पर लगातार हवाई हमले हो रहे हों तो ईरान से संयम की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है। बकाई ने कहा कि जिन पक्षों ने हमले शुरू किए हैं उन्हें पहले अपनी कार्रवाई रोकनी चाहिए, तभी तेहरान किसी प्रतिक्रिया या संयम पर विचार कर सकता है।
ईरान-इजरायल के बीच जारी है एक दूसरे पर हमले
रिपोर्टों के अनुसार ईरान की ओर से किए मिसाइल हमले के बाद इजरायल के केंद्रीय हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। यह घटनाएं मिसाइलों के इजरायली क्षेत्र की ओर दागे जाने के तुरंत बाद सामने आईं। फिलहाल किसी तरह के नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर UAE, फ्रांस,जर्मनी समेत इन देशों का संयुक्त बयान
संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, कोरिया गणराज्य, न्यूज़ीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फ़िनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर एक संयुक्त बयान जारी किया है। बयान में कहा गया कि बयान में कहा गया कि हम खाड़ी क्षेत्र में ईरान की ओर से वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों, तेल और गैस संयंत्रों पर हमलों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को ईरानी बलों की ओर से प्रभावी रूप से बंद किए जाने की कड़ी निंदा करते हैं। आगे कहा गया कि हम बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। हम ईरान से अपील करते हैं कि वह तुरंत अपनी धमकियां, बारूदी सुरंगें बिछाने, ड्रोन और मिसाइल के हमले और जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही रोकने के प्रयासों को बंद करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का पालन करे।