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रूस और यूक्रेन बढ़ा रहे हमलेः 4 की मौत, शांति वार्ता से पहले हालात तनावपूर्ण

नागरिक और सीमा क्षेत्र में दोनों तरफ से हमले, अमेरिका और नाटो देशों की भूमिका बनी निर्णायक।

By श्वेता सिंह

Mar 21, 2026 22:36 IST

किवः रूस और यूक्रेन के बीच शनिवार को फिर से हिंसक हमले हुए, जिसमें कम से कम चार लोग मारे गए। इस बीच, अमेरिका और यूक्रेन के बीच उम्मीद की जा रही वार्ता से पहले तनाव बढ़ गया है। यूक्रेन के जापोरिज्जियो शहर में एक रूसी ड्रोन हमले में एक पुरुष और एक महिला की मौत हुई, जबकि छह लोग घायल हुए। इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। क्षेत्रीय प्रमुख इवान फेडोरोव ने यह जानकारी दी। इसी तरह, रूसी हमलों के कारण उत्तर यूक्रेन के चेर्निहिव क्षेत्र में अधिकांश इलाकों में बिजली गुल हो गई।

रूस के बेलगोरोद सीमा क्षेत्र में यूक्रेनी गोलाबारी से दो महिलाओं की मौत हुई और एक अन्य घायल हुई, जिसकी जानकारी वहां के गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लादकोव ने बताया।

अमेरिका-यूक्रेन वार्ता: उद्देश्य और तैयारी

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा है ताकि रुके हुए अमेरिका- मध्यस्थ वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही रूस के आक्रमण को रोकने की कोशिश जारी रहे। यूक्रेनी मीडिया ने बताया कि यह वार्ता मियामी में होगी, हालांकि व्हाइट हाउस ने इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।

जेलेंस्की ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तीन-तरफा वार्ता को फिर से शुरू करना है। यह सुनिश्चित करना है कि वॉशिंगटन अन्य नाटो देशों को अमेरिका से हथियार खरीदकर यूक्रेन भेजने की अनुमति देता रहे।

युद्ध की जमीनी स्थिति: कब्जा और वित्तीय दबाव

पिछले साल पश्चिमी यूरोपीय देशों ने बार-बार रूस पर आरोप लगाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वार्ता में देरी कर रहे हैं, ताकि अपनी बड़ी सेना का फायदा उठाकर यूक्रेन के और इलाके पर कब्जा कर सकें। वर्तमान में रूसी बल यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए हुए हैं।

इस बीच, मध्य पूर्व में हालिया संघर्ष 28 फरवरी से इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान यूक्रेन से हटा दिया है। रूस को तेल पर अमेरिकी छूट से वित्तीय लाभ मिला है, जबकि यूक्रेन को यूरोपीय संघ द्वारा वादा किया गया 90 अरब यूरो (103 अरब अमेरिकी डॉलर) का ऋण अब तक नहीं मिला है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव और आगे की संभावनाएं

क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच जल्द ही नई वार्ता हो सकती है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय ध्यान मध्य पूर्व की घटनाओं की ओर केंद्रित होने के कारण यूक्रेन के लिए सहारा और वित्तीय मदद की गति प्रभावित हो सकती है।

यूक्रेन की स्थिति नाजुक बनी हुई है और रूस के आक्रामक अभियान के बीच अमेरिका और नाटो देशों की भूमिका निर्णायक बनी हुई है।

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