नई दिल्लीः देशभर में एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने एक राहत भरी घोषणा की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि कमर्शियल एलपीजी का आवंटन अब संकट पूर्व स्तर के 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। 23 मार्च से अतिरिक्त 20 प्रतिशत गैस की आपूर्ति शुरू होगी, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत हो जाएगा।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कदम पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान-इजराइल संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण उत्पन्न एलपीजी संकट को कम करने के लिए उठाया गया है। भारत अपनी एलपीजी का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें अधिकांश हिस्सा खाड़ी देशों से आता है।
अतिरिक्त 20 प्रतिशत आपूर्ति: प्राथमिक क्षेत्र और कड़े नियम
23 मार्च से अतिरिक्त गैस की आपूर्ति मुख्य रूप से खाद्य सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों को दी जाएगी। इसमें शामिल हैं:
-रेस्तरां, ढाबे और होटल
-औद्योगिक कैंटीन
-खाद्य प्रसंस्करण और डेयरी इकाइयां
-राज्य/स्थानीय निकाय द्वारा संचालित सब्सिडी वाले कैंटीन और आउटलेट
-सामुदायिक रसोई
प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी
मंत्रालय ने साफ कहा कि किसी भी तरह का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसमें उनके क्षेत्र, एलपीजी उपयोग और वार्षिक आवश्यकताओं की जानकारी दर्ज होगी। साथ ही, इन उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना और आपूर्ति के लिए तैयार रहना होगा। इससे दीर्घकालिक रूप से एलपीजी पर दबाव कम होगा और आपूर्ति व्यवस्थित रहेगी।
मौजूदा हालात, पैनिक बुकिंग में कमी
मंत्रालय ने कहा कि देश में एलपीजी की पैनिक बुकिंग में काफी कमी आई है। गुरुवार (19 मार्च) को केवल 55 लाख बुकिंग दर्ज हुई, जबकि संकट के चरम पर (13 मार्च) यह संख्या 88 लाख तक पहुंच गई थी। पूर्व संकट स्तर पर औसतन रोजाना 55-60 लाख बुकिंग होती थीं।
अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े:
-घरेलू रिफाइनरियों से मार्च की शुरुआत से एलपीजी उत्पादन 38 प्रतिशत बढ़ा।
-अब तक लगभग 7.5 लाख एलपीजी ग्राहक PNG में स्थानांतरित हो चुके हैं।
-मार्च के पहले पखवाड़े में एलपीजी खपत 17.7 प्रतिशत घटकर 1.147 मिलियन टन रही।
-देश में कुल 25,605 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप हैं, जिनमें 17,677 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।
सहायक सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, "देशभर में पर्याप्त स्टॉक है और कोई आउटलेट सूखा नहीं हुआ। हालांकि एलपीजी संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और सावधानी बरतने की आवश्यकता है।"
सरकार का संदेश और आगे की योजना
केंद्र ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पैनिक बुकिंग न करें और केवल आवश्यकता के अनुसार बुकिंग करें। जहां संभव हो, PNG का विकल्प अपनाएं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, रेस्तरां-ढाबे और प्रवासी मजदूरों को पर्याप्त गैस आपूर्ति जारी रहेगी। मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति के दुरुपयोग, ब्लैक मार्केटिंग और होर्डिंग पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
यह कदम संकट के समय में संवेदनशील और सबसे जरूरतमंद क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का संकेत है, जिससे देशभर में संतुलित और सुरक्षित गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।