इस्लामाबादः पाकिस्तान के मुरिदक में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर में इद के नमाज के ठीक बाद संगठन के उच्चपदस्थ कमांडर बिलाल अरिफ सराफी की हत्या कर दी गई। घटना में हमलावर ने पहले गोली चलाई और उसके बाद एक महिला ने धारदार हथियार से कई प्रहार किए।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इद के मौके पर हेडक्वार्टर में बड़ी जमात और लश्कर-ए-तैयबा के कई टॉप कमांडर मौजूद थे। जैसे ही नमाज समाप्त हुई, बिलाल थोड़ी दूरी पर निकल गया, तभी हमला हुआ। हमलावर ने बिलाल को पास से निशाना बनाया और गोली मारने के बाद महिला ने धारदार हथियार से हमला किया।
हमले का वीडियो हुआ वायरल
हमले के तुरंत बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में अफरातफरी और लोगों की हड़बड़ी देखी जा सकती है। माटी पर बिलाल खून से लथपथ पड़ा नजर आया। घटना ने लश्कर-ए-तैयबा में दहशत पैदा कर दी है।
बिलाल आरिफ सराफी कौन था?
बिलाल आरिफ सराफी लश्कर-ए-तैयबा का उच्चपदस्थ कमांडर और मुरिदक हेडक्वार्टर में भर्ती अधिकारी के रूप में काम करता था। पाकिस्तान भर से युवा लड़कों का चयन कर उन्हें मानसिक रूप से तैयार करना, संगठन के लिए धन जुटाना और हथियार खरीदने का काम बिलाल के नेतृत्व में होता था।
रिपोर्टों के अनुसार, बिलाल 2005 से लश्कर के लिए सक्रिय था और संगठन की कई गतिविधियों में अहम भूमिका निभाता था। उसके पास संगठन के प्रशिक्षण और वित्तीय मामलों पर भी प्रभाव था।
हमलावर कौन थे?
हमले को अंजाम देने वाले हमलावरों की पहचान अभी तक अज्ञात है। घटना ने संगठन के भीतर सुरक्षा की गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
इद के मौके पर हुई घटना का असर
यह हमला इद के नमाज के तुरंत बाद हुआ, जो दर्शाता है कि हमलावर ने भीड़ और कम सतर्कता का फायदा उठाया। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हाई-प्रोफाइल हत्या संगठन के भीतर गहरे आंतरिक संघर्ष या बाहरी हमले का संकेत भी हो सकती है।