भोपाल : इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर टेबल टेनिस के फाइनल में पहुंचने के बावजूद बंगाल के दो खिलाड़ी जीत चंद्र और सिंड्रेला दास चैंपियन नहीं बन सके। 16 साल की बाघाजतीन निवासी सिंड्रेला का संघर्ष टेबल टेनिस प्रेमी कई सालों तक याद रखेंगे। फाइनल में यशस्विनी घोड़पाड़े के साथ सिंड्रेला ने कड़ी टक्कर दी। आखिरकार वह 4-3 से हार गईं। तीन बार यशस्विनी से पीछे होने के बावजूद मैच में बराबरी लौटा लाई थीं सिंड्रेला जो पौलमी घटक – सौम्यदीप राय की अकादमी में अभ्यास करती हैं। सेमीफाइनल में सिंड्रेला के हाथों हारकर पिछली बार की चैंपियन दिया चितले बाहर हो गईं। पेट्रोलियम स्पोर्ट्स बोर्ड की ओर से खेलने वाली कोलकाता की यह खिलाड़ी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले रैंकिंग में तीसरे स्थान पर थीं अब दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं।
सिंड्रेला की तरह ही सीनियर नेशनल टेबल टेनिस के सिंगल्स में जीत भी पहली बार फाइनल में पहुंचे थे। गड़ियाहाट के रहने वाले जीत साल का ज्यादातर समय इटली और अमेरिका की टेबल टेनिस लीग में खेलते हुए बिताते हैं और जब कोलकाता में होते हैं तो सॉल्टलेक स्थित राज्य सरकार के बंगाल टेबल टेनिस अकादमी में अपने पिता तपन चंद्र के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं। रेलवे कर्मचारी जीत ने सेमीफाइनल में राष्ट्रीय टीम के स्टार मनु शाह को हराया लेकिन फाइनल में मानव ठक्कर से 1- 4 से हार गए। इस टूर्नामेंट में जीत ने तीन पदक जीते। सिंगल्स में रजत मिला जबकि पुरुष डबल्स में अनिर्बाण घोष के साथ जोड़ी बनाकर स्वर्ण पदक जीता। टीम इवेंट में उन्हें कांस्य पदक मिला।
मिक्स्ड डबल्स में बंगाल के अंकुर भट्टाचार्य हरियाणा की सुहाना सैनी के साथ चैंपियन बने। फाइनल में उन्होंने बंगाल की जोड़ी अनिकेत बसु और सम्प्रीति राय को हराया। महिला डबल्स में सुतिर्था मुखोपाध्याय – कौशानी नाथ की जोड़ी सर्वश्रेष्ठ रही।