पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में ठीक एक महीने का समय रह गया है। पश्चिम बंगाल में पहले चरण का चुनाव 23 और दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होनी है। राज्यभर के कुल 294 विधानसभा केंद्रों में चुनाव होंगे। इसके साथ ही देश के तीन राज्यों (तमिलनाडु, केरल और असम) और एक केंद्र शासित प्रदेश (पुडुचेरी) में भी अप्रैल में ही चुनाव होंगे।
चुनाव आयोग मतदान के समय सुरक्षा-व्यवस्था को सुनिश्चित करना चाहता है। इसके साथ ही मतदाताओं की आजादी और सुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखना चाहता है।
विधानसभा चुनाव में देश के प्रत्येक राज्य के हर एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं को जो न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करवायी जाएंगी, इस बाबत चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने एक विस्तृत जानकारी साझा की है।
हर मतदान केंद्र पर उपलब्ध होगी जो न्यूनतम सुविधा -
चुनाव आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देश के सभी 4 राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश के प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं को जो न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करवायी जाएंगी उनमें शामिल हैं -
* पेयजल
* इंतजार करने के लिए छायादार जगह
* शौचालय
* रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था
* दिव्यांग मतदाताओं के लिए Ramp
* मतदान के लिए मापदंड के आधार पर कक्ष
* लाइन में खड़े मतदाताओं के लिए कुछ-कुछ अंतर पर बैठने के लिए बेंच
General Elections and bye-elections 2026: Assured Minimum Facilities ✅
— Election Commission of India (@ECISVEEP) March 22, 2026
Voter Assistance to be provided at All Polling Stations ✅
Read more : https://t.co/JROJ0G2f5D pic.twitter.com/1rqXkyGmxo
मतदाताओं की मदद के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर 'Voter Assistance Booth' (VAB) बनाया जाएगा जहां मतदान कर्मी मतदाताओं को बूथ नंबर और उनका नाम ढूंढने में मदद करेंगे। जागरूकता बढ़ाने के लिए 'Voter Facilitation Poster' (VFP) लगाना अनिवार्य किया गया है।
मतदान केंद्र के बाहर मोबाइल को जमा रखने की विशेष जगह की व्यवस्था करनी होगी। मतदाता अपना मोबाइल जमा करके वोट देने जाएंगे और बाद में उसे लेकर लौट सकेंगे।
कब किस राज्य/केंद्रशासित प्रदेश में होगा मतदान और कब होगी मतगणना?
असम में चुनाव - 9 अप्रैल
केरल में चुनाव - 9 अप्रैल
पुडुचेरी में चुनाव - 9 अप्रैल
तमिलनाडु में चुनाव - 23 अप्रैल
पश्चिम बंगाल में चुनाव - 23 और 29 अप्रैल
मतगणना - सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में एक साथ 4 मई को
रविवार (22 मार्च) को जारी एक विज्ञप्ति में चुनाव आयोग ने बताया है कि देश भर के कुल 2,18,807 मतदान केंद्रों पर 'Assured Minimum Facility' (AMF) को सुनिश्चित करना होगा। चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि इन सभी व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी की जाएगी और मतदान प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी हो जाएं इसे सुनिश्चित करना होगा ताकि मतदाता बिना किसी परेशानी के आराम से अपना मतदान कर सकें।