विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी पश्चिम बंगाल में 500 कंपनी केंद्रीय बल को अगले कम से कम 1 महीने के लिए रख दिया जाएगा। चुनाव आयोग सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से ही सीख लेते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
चुनाव आयोग राज्य की न्याय-व्यवस्था को लेकर कोई खतरा नहीं उठाना चाहती है। इस साल चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही दो चरणों में 480 कंपनी केंद्रीय बल को राज्य में भेजा जा चुका था, जो संभवतः पहली बार हुआ है।
इसके बाद चरणबद्ध तरीके से करीब 1900 कंपनी केंद्रीय बल के जवान राज्य में आने वाले हैं उनमें से ही 500 कंपनी को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी राज्य में रखा जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग के इस प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी सहमति भी जता दी है।
मंत्रालय ने अगले निर्देश तक राज्य में केंद्रीय बल को रखने का आदेश दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे भी अभूतपूर्व घटना ही मान रहे हैं। इससे पहले चुनाव के बाद कुछ दिनों तक केंद्रीय बल के जवान राज्य में रहते थे लेकिन इस बार संख्या और समय के लिहाज से यह फैसला अलग है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जितनी भी केंद्रीय बल राज्य में रह जाती थी वह राज्य सरकार के आदेश पर धीरे-धीरे थोड़े समय में ही वापस भी लौट जाती थी।
चुनाव आयोग के अधिकारियों का दावा है कि हिंसामुक्त व बिना खून-खराबे के चुनाव करवाना ही आयोग का एकमात्र लक्ष्य है। आयोग का मानना है कि दूसरे राज्यों में चुनावी हिंसा को काफी हद तक नियंत्रण में लाया जा सका है लेकिन पश्चिम बंगाल में अभी तक यह अनियंत्रित ही है।
पिछले चुनाव के बाद हिंसा, दुष्कर्म आदि को लेकर अदालत में शिकायत भी दर्ज करवायी गयी थी जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। पिछले कई लोकसभा-विधानसभा चुनावों की तुलना में पंचायत चुनाव में हिंसा कहीं ज्यादा हुई थी। इसलिए इस बार विधानसभा चुनाव से पहले आयोग पूरी तैयारी कर लेना चाहता है।
चुनाव आयोग की विज्ञप्ति में बताया गया है कि वर्तमान में 480 कंपनी केंद्रीय बल के अलावा 5 चरणों में 17 अप्रैल तक 1920 कंपनी केंद्रीय बल के जवान बंगाल में आने वाले हैं। इनमें शामिल होंगे -
हरियाणा : 348 कंपनी
बिहार, उत्तराखंड, असम, पंजाब, गोवा, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के सशस्त्र पुलिस बल
जम्मू-कश्मीर से 234 कंपनी सीआरपीएफ, बीएसएफ और एसएसबी
मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा से भी केंद्रील बल को बंगाल लाया जा रहा है।
29 अप्रैल को चुनाव खत्म होने के बाद 1700 कंपनी केंद्रीय बल को वापस भेज दिया जाएगा। कुल केंद्रीय बल में विभिन्न राज्यों की 348 कंपनी पुलिस भी शामिल है।
कब कितनी केंद्रीय बल आएगी बंगाल में?
10 मार्च तक दो चरणों में 480 कंपनी
31 मार्च को 300 कंपनी
7 अप्रैल को 300 कंपनी
10 अप्रैल को 300 कंपनी
13 अप्रैल को 277 कंपनी