बेंगलुरुः वह फिल्म जगत से जुड़ी एक ‘ग्लैमर क्वीन’ हैं। लेकिन उनकी जिंदगी की कहानी ऐसी है कि कोई लेखक इसे पटकथा के रूप में लिखने से पहले भी दो बार सोचेगा। ग्लैमर की चकाचौंध भरी दुनिया से सीधे 100 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी के अंधेरे संसार तक। बात हो रही है कन्नड़ अभिनेत्री रन्या राव की।
पिछले साल मार्च में दुबई से भारत सोना तस्करी करते समय उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट पर रंगे हाथों पकड़ा गया था। इस हफ्ते बुधवार को इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चार्जशीट दाखिल की, जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का खुलासा हुआ। चार्जशीट में रन्या के साथ उनके सहयोगी तरुण कोंदुरु और बेंगलुरु के बल्लारी इलाके के एक सोना व्यापारी साहिल साकारिया जैन का नाम भी सामने आया है।
अफ्रीका में 2 करोड़ की ठगी!
ED के सूत्रों के मुताबिक, रन्या और तरुण कोंदुरु ने पहले अफ्रीका से सोना तस्करी की योजना बनाई थी। उन्होंने दुबई में एक ट्रेडिंग कंपनी खोलकर ‘बेन’ नाम के युगांडा के एक एजेंट से 5 किलो सोना खरीदने का सौदा किया। इसके लिए 23.5 लाख रुपये अग्रिम और 18.8 लाख रुपये टैक्स के रूप में दिए गए। लेकिन सोना कभी नहीं मिला!
जनवरी 2024 में तरुण युगांडा की राजधानी कंपाला गया, जहां उससे और 1.7 करोड़ रुपये मांगे गए। तभी उसे समझ में आया कि वह खुद एक ठगी के जाल में फंस गया है। शुरुआत में ही अभिनेत्री ने 2 करोड़ रुपये से ज्यादा गंवा दिए।
अब नजर दुबई पर
अफ्रीका में नुकसान उठाने के बाद रन्या ने दुबई का रुख किया। दुनिया के सबसे बड़े सोना बाजार ‘डीरा गोल्ड सूक’ से वह नकद में सोना खरीदती थीं। तरुण कोंदुरु फर्जी कस्टम्स डिक्लेरेशन तैयार करता था, जिसमें दिखाया जाता था कि सोना स्विट्जरलैंड या थाईलैंड जा रहा है। लेकिन असल में रन्या उस सोने को अपने कपड़ों में छिपाकर सीधे भारत ले आती थीं।
ED की चार्जशीट के अनुसार, मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच यानी एक साल में रन्या ने कम से कम 15 बार बेंगलुरु से दुबई की यात्रा की। इस तरह उन्होंने लगभग 102 करोड़ रुपये कीमत का 127.87 किलो सोना तस्करी कर भारत लाया, जिसे बाद में अलग-अलग ज्वेलर्स को बेच दिया जाता था।
वीआईपी प्रोटोकॉल का दुरुपयोग
वह बार-बार कस्टम्स की नजर से कैसे बच जाती थीं? जांचकर्ताओं के अनुसार, रन्या के सौतेले पिता पुलिस के एक उच्च पदस्थ अधिकारी थे और कर्नाटक पुलिस में डीजी रैंक पर रह चुके थे। इसी वीआईपी प्रभाव का इस्तेमाल कर वह बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बिना कस्टम जांच के आसानी से निकल जाती थीं। आखिरकार, उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट पर ही 12.56 करोड़ रुपये के 14.2 किलो सोने की बार के साथ गिरफ्तार किया गया।
अब तक प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी 34 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इस बड़े तस्करी नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए आगे और जांच जारी है।