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2027 तक 65% भारतीय कंपनियां अपनाएंगी फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस मॉडल

भविष्य में इस निवेश की बढ़ती उपस्थिति से फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का विस्तार और अधिक व्यवस्थित और नेटवर्केड तरीके से होगा, जिससे यह राष्ट्रीय ऑफिस मार्केट में स्थिरता बनाए रखेगा।

By राखी मल्लिक

Mar 24, 2026 16:48 IST

नई दिल्ली : भारत में लगभग 65 प्रतिशत कंपनियों की योजना है कि वे 2027 तक अपने कार्यालय पोर्टफोलियो में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस को शामिल करें। वर्तमान में 55 प्रतिशत कंपनियों के ऑफिस में ऐसे फ्लेक्सिबल स्पेस पहले से मौजूद हैं।

यह जानकारी CBRE इंडिया रिसर्च और FICCI के सहयोग से प्रकाशित रिपोर्ट 'फ्लेक्स-प्लोजन : भारत में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का दौर' में दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आज के आधुनिक व्यवसायों के लिए कार्यालय में लचीलापन सिर्फ एक अतिरिक्त सुविधा नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से शामिल घटक बन गया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का क्षेत्र अब सिर्फ स्टार्टअप्स के लिए सहायक नहीं रहा, बल्कि यह बड़े कॉर्पोरेट्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और एमएसएमई सहित सभी प्रकार के व्यवसायों के लिए मुख्य रणनीतिक हिस्से के रूप में उभर चुका है। 2015 से पहले ये छोटे को-वर्किंग हब या सर्विस्ड ऑफिस के रूप में शुरू हुआ करते थे, लेकिन अब इनकी मांग बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स में भी बढ़ी है।

पिछले दशक में इस क्षेत्र का विस्तार काफी तेजी से हुआ है। 2020 से 2025 के बीच फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की कुल उपलब्धता लगभग तीन गुना बढ़ गई है, और इसका लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा 2021 के बाद जोड़ा गया। 2025 तक भारत में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का कुल स्टॉक 110 से 114 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गया है। टियर-1 शहर इस क्षेत्र में प्रमुख हैं और कुल स्टॉक का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं।

वर्तमान में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस व्यापक कार्यालय स्टॉक का लगभग 10 से 12 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। क्षेत्रीय स्तर पर, बैंगलोर सबसे बड़ा बाजार है, जहां फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का स्टॉक 30 से 32 एमएसएफ है और इसका पैठ दर 12 से 14 प्रतिशत है।

दिल्ली-एनसीआर में यह आंकड़ा 21 से 23 एमएसएफ है। वहीं पुणे ने राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक सेक्टरल पैठ 14 से 16 प्रतिशत दर्ज की है। मुंबई में मांग मुख्य रूप से बैंकिंग, फाइनेंस, इंश्योरेंस और बड़े कॉर्पोरेट्स से बढ़ी है, और 2024-25 में लीजिंग गतिविधि लगातार बढ़ती रही।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर अब सार्वजनिक लिस्टिंग के जरिए पूंजी बाजार में और अधिक शामिल हो रहे हैं। इस क्षेत्र के सभी सूचीबद्ध ऑपरेटरों का अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.0 से 2.2 बिलियन डॉलर है। इस निवेश की वजह से नेटवर्क का तेज विस्तार और एसेट-लाइट मॉडल को मजबूती मिली है।

भविष्य में इस निवेश की बढ़ती उपस्थिति से फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का विस्तार और अधिक व्यवस्थित और नेटवर्केड तरीके से होगा, जिससे यह राष्ट्रीय ऑफिस मार्केट में स्थिरता बनाए रखेगा।

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