नई दिल्लीः आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियों को और मजबूत करने के लिए अंतर-राज्यीय सीमाओं से जुड़े राज्यों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य कानून-व्यवस्था, समन्वय और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना था।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार बैठक में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी समेत चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिव, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनके साथ 12 पड़ोसी राज्यों के प्रतिनिधि और केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख भी मौजूद रहे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी ने चुनावी तैयारियों, कानून-व्यवस्था की स्थिति, खर्च पर निगरानी और अवैध नकदी, शराब, नशीले पदार्थों तथा हथियारों की जब्ती जैसे मुद्दों की समीक्षा की।
निर्वाचन आयोग ने विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों और अंतर-राज्यीय चेक पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि चुनाव के दौरान हिंसा, दबाव और प्रलोभन जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। साथ ही, पड़ोसी राज्यों को चुनाव वाले राज्यों के साथ पूरा सहयोग करने को कहा गया है।
केंद्रीय एजेंसियों-जैसे भारतीय तटरक्षक बल, असम राइफल्स को सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), आयकर विभाग, केंद्रीय जीएसटी और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को भी चुनाव से पहले अपनी कार्रवाई तेज करने को कहा गया है ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
निर्वाचन आयोग का उद्देश्य राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल बनाकर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है। इसके तहत संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी और सक्रिय कदम उठाने पर जोर दिया गया है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा। असम और केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। पुडुचेरी में भी 9 अप्रैल को मतदान होगा।
इन सभी राज्यों और पुडुचेरी में मतगणना 4 मई को की जाएगी। इसके अलावा गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नगालैंड और त्रिपुरा की छह सीटों पर उपचुनाव भी दो चरणों में कराए जाएंगे।