नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात के बावजूद भारत विकास, विश्वास और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में देश ने अपने कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने, त्वरित निर्णय लेने और संकट से निपटने की क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया है।
टीवी9 नेटवर्क के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया अलग-अलग धड़ों में बंटी नजर आ रही है, तब भारत ने विभिन्न देशों के साथ संतुलित और मजबूत साझेदारी विकसित की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता अपने राष्ट्रीय हित हैं। उनके अनुसार, देश शांति और संवाद के पक्ष में खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने राष्ट्रीय हितों से ज्यादा अपनी राजनीतिक मजबूती पर ध्यान दिया। उन्होंने यूपीए शासनकाल के दौरान जारी किए गए ऑयल बॉन्ड्स का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भविष्य की पीढ़ियों पर आर्थिक बोझ पड़ा। उनका कहना था कि बाद के वर्षों में इन देनदारियों का भुगतान करते समय ब्याज सहित राशि काफी बढ़ गई।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संकटों के बीच कुछ राजनीतिक दल परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार का ध्यान आम नागरिकों को राहत देने पर है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ऊर्जा, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
कोविड-19 महामारी के बाद के दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में हर साल देश के सामने नई चुनौतियां आई हैं, लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास से भारत ने हर कठिनाई का सामना किया है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के बीच भारत ने विविधता और मजबूती का एक मॉडल पेश किया है। खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी देशों और वैश्विक दक्षिण तक, भारत ने खुद को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित किया है।