नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े हिरासत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो द्वारा दायर की गई थी।
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही 14 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत वांगचुक की हिरासत को समाप्त कर चुकी है। ऐसे में इस मामले में आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं बचता।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या वांगचुक की सेहत को देखते हुए उनकी हिरासत पर दोबारा विचार किया जा सकता है। यह सवाल इसलिए उठा क्योंकि उनकी गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं सामने आई थीं।
वांगचुक को लगभग छह महीने पहले लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था। इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी और 22 पुलिसकर्मियों समेत 45 से अधिक लोग घायल हुए थे। उन्हें 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हो रहे थे।