नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में पिछले हफ्ते से तेज गिरावट आई है। यह पिछले 40 सालों (1983 के बाद) की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। सोना 13 मार्च को लगभग 5,200 डॉलर प्रति औंस के आसपास था, जो अब घटकर लगभग 4,350-4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। मार्च 2026 में सोने का सर्वकालिक उच्च स्तर जनवरी में 5,608.35 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा था, लेकिन अब यह भारी सुधार (करेक्शन) का सामना कर रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, स्पॉट गोल्ड की कीमत 23 मार्च को लगभग 4,350-4,400 डॉलर प्रति औंस के बीच है, जिसमें कुछ सत्रों में 4,100 डॉलर के नीचे भी गिरावट देखी गई। यह गिरावट लगभग 10-11% साप्ताहिक है, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी है।
सुरक्षित निवेश का आकर्षण कमजोर क्यों हुआ?
विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव (जैसे अमेरिका-ईरान संघर्ष) जारी है, लेकिन सोना अपने पारंपरिक सुरक्षित आश्रय (सेफ-हेवन) की भूमिका नहीं निभा पा रहा। ऊंची वास्तविक ब्याज दरें, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बाजार में पोजीशन एडजस्टमेंट जैसे कारक हावी हो गए हैं। माना जा रहा है कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने में उछाल नहीं आया, जो बाजार में अन्य कारकों की प्रधानता दिखाता है। कुछ अर्थव्यवस्थाओं को लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए सोने की बिक्री की संभावना भी चर्चा में है, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव है।
बाजार के आंकड़े और हालिया रुझान
आईसीई डेटा के अनुसार, स्पॉट गोल्ड हाल ही में 2% की गिरावट के साथ 4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि इंट्राडे में यह 4,320 डॉलर तक गिरा - जो जनवरी की शुरुआत के बाद सबसे निचला स्तर है। सप्ताहिक आधार पर सोना 9-11% तक गिरा है। 200-दिन का मूविंग एवरेज लगभग 4,154 डॉलर प्रति औंस है, जो आगे संभावित सपोर्ट स्तर माना जा रहा है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोना अभी भी सकारात्मक है, लेकिन मार्च में यह तेज सुधार में है। पिछले महीने में कीमतों में 15-19% की गिरावट आई है, फिर भी सालाना आधार पर यह मजबूत बना हुआ है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का सुनहरा मौका हो सकती है। फिलिप नोवा की सीनियर मार्केट एनालिस्ट प्रियंका सचदेवा ने कहा कि यह करेक्शन "स्टैगर्ड" (क्रमिक) खरीदारी के लिए अच्छा स्तर प्रदान कर रहा है। नीचे के स्तरों पर धीरे-धीरे सोना जमा करने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में अस्थिरता बनी रहेगी, लेकिन मौजूदा स्तर लंबी अवधि में फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
(समाचार एई समय कहीं भी निवेश की सलाह नहीं देता। शेयर बाजार या किसी भी क्षेत्र में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले सही तरह से अध्ययन करना और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शैक्षणिक और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)