विधानसभा चुनाव के समय कोलकाता नगर निगम (KMC) की कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन महीने में 3 निगम कमिश्नर के तबादले ने KMC के वरिष्ठ अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। इस वजह से चुनाव के समय अधिकारी कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहते हैं। बताया जाता है कि चुनाव के समय जिन न्यूनतम सुविधाओं की आवश्यकता है सिर्फ उन्हें ही मुहैया करवायी जा रही है।
बताया जाता है कि जलापूर्ति, स्वास्थ्य, निकासी, साफ-सफाई, प्रकाश और सड़क मरम्मत से संबंधित आवश्यक सेवाओं को सामान्य तो रखा गया है लेकिन कुछ अन्य सेवाएं जिनके लिए कोलकातावासी KMC पर ही निर्भर करते हैं, उन्हें चुनाव के बाद ही उपलब्ध करवाने का फैसला लिया गया है।
बता दें, चुनाव की घोषणा होने के बाद स्मिता पांडे को निगम का नया कमिश्नर बनाया गया है। इसके बाद ही KMC के अधिकारी किसी नए काम को शुरू करने का खतरा नहीं उठाना चाहते हैं। लगातार निगम कमिश्नर के तबादले ने KMC के अधिकारियों पर भी प्रभाव डाला है। KMC के अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप न लग सकें, इसे सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
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कोई भी अधिकारी नहीं चाहता है कि चुनाव के मौसम में चुनाव आयोग की नजरें उसपर पड़े। लेकिन ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि क्या सेवाएं सामान्य रूप से मिलेंगी?
KMC सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिल्डिंग से संबंधित विभिन्न मामलों की सुनवाई, राजस्व की वसूली और उससे संबंधित समस्याएं, नई बिल्डिंग प्लान को अनुमोदन मिलने से संबंधित मामलों की सुनवाई विधानसभा चुनाव से पहले होने की संभावना कम ही है। इसके साथ ही जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र के मामले में निगम के अधिकारियों ने धीमी गति से ही आगे बढ़ने का फैसला लिया है। निगम के अधिकारी इस बात का खास ख्याल रख रहे हैं कि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।