बेटे का इलाज करवाने आरजी कर अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में आए अरुप बंद्योपाध्याय की मृत्यु के दो-तीन दिनों बाद ही अस्पताल में एक और मरीज की अस्वाभाविक मौत का मामला सामने आया है। सोमवार की सुबह अस्पताल में इलाज करवाने आए एक वृद्ध की मौत ने एक बार फिर से आरजी कर अस्पताल को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि मरीज को आपातकालीन विभाग के शौचालय को इस्तेमाल नहीं करने दिया गया और उन्हें बाहर के सुलभ शौचालय में ले जाना पड़ा। आरोप है कि मरीज को लेकर जाने के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था तक नहीं की गयी थी और उन्हें पैदल चलाकर ले जाना पड़ा था।
परिवार का आरोप है कि चलने की वजह से ही वृद्ध की तबीयत खराब हो गयी और उनकी मौत हो गयी। इस घटना को लेकर आरजी कर अस्पताल के रोगी कल्याण समिति के सदस्य और तृणमूल विधायक अतिन घोष (Atin Ghosh) से सवाल किया गया। इस बारे में अपने जवाब में उन्होंने कहा कि जब तक इसकी लिखित रिपोर्ट नहीं मिलती है, तब तक वह कुछ भी नहीं कह सकेंगे।
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अतिन घोष से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि अभी तक मुझे मीडिया के माध्यम से ही जो जानकारी मिली है उसकी सत्यता की जांच के लिए आरजी कर अस्पताल के MSVP को कॉल किया था। लेकिन अस्पताल से मुझे जो रिपोर्ट मिली वह बिल्कुल अलग है। इसलिए जब लिखित रिपोर्ट नहीं मिल रही है तब तक इस बारे में कुछ नहीं कह सकूंगा। लिखित रिपोर्ट मिलने के बाद पहले उसकी जांच करूंगा उसके बाद ही इस बारे में कुछ कह सकूंगा।
घोष का कहना है कि मीडिया में इस घटना की जो व्याख्या की जा रही है वह पूरी तरह से सच नहीं है। उनका दावा है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि विश्वजीत सामंत की मौत बेड पर ही हो गयी थी। लेकिन मरीज के परिजनों का आरोप है कि शौचालय से लौटते समय उनकी मौत हुई है। हालांकि इस पूरे मामले को अतिन घोष हल्के में नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरजी कर अस्पताल के MSVP से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है।