नई दिल्ली : आगामी FIDE विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से भारत की शीर्ष शतरंज खिलाड़ी कोनेरु हम्पी ने नाम वापस ले लिया है। सायप्रस में होने वाली इस प्रतियोगिता में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया।
पश्चिम एशिया में इजराइल - ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न अस्थिर परिस्थितियों को लेकर हम्पी पहले ही चिंतित थीं। उनका कहना है कि बॉम और सायरन की आवाज में ध्यान केंद्रित करके शतरंज खेलना संभव नहीं है। 28 मार्च से पाफोस में शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट में महिला विश्व चैम्पियन जू वेंजुन के अगले चुनौतीकर्ता का निर्धारण होगा।
हम्पी का बयान
एक बयान में हम्पी ने कहा कि बहुत सोच-विचार के बाद मैंने यह कठिन निर्णय लिया है। कोई भी प्रतियोगिता व्यक्तिगत सुरक्षा और सेहत से बड़ी नहीं हो सकती। आयोजकों के आश्वासन के बावजूद वर्तमान परिस्थितियों में मैं सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हूं।
हम्पी के स्थान पर अन्य खिलाड़ी
हम्पी के नाम वापस लेने के बाद उनका स्थान अना मुज़िचेंक को मिला है। FIDE ने बताया कि 2024-25 विमेंस इवेंट्स सीरीज में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उन्हें यह अवसर दिया गया। हालांकि इस निर्णय के कारण हम्पी को 10,000 यूरो का जुर्माना देना पड़ सकता है। FIDE ने इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अगर कोई समस्या आती है तो हम्पी को छूट भी मिल सकती है।
सुरक्षा चिंताएं अन्य खिलाड़ियों में भी
सुरक्षा को लेकर चिंता केवल हम्पी तक सीमित नहीं है। अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हिकारु नकामुरा ने भी सायप्रस में हाल ही में हुए विद्युत व्यवधान का उल्लेख करते हुए स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
हम्पी का यह निर्णय भारतीय शतरंज समुदाय के लिए झटका माना जा रहा है। इस प्रतियोगिता में अब भारत का प्रतिनिधित्व आर प्रज्ञानंद, आर वैशाली और दिव्या देशमुख जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों द्वारा किया जाएगा।