दुबई: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को लेकर अपने रुख में फिलहाल थोड़ी नरमी दिखाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए दी गई समयसीमा को बढ़ाते हुए ईरान के बिजली संयंत्रों पर संभावित हमलों को कुछ दिनों के लिए टाल दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और इसमें सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि चल रही चर्चाओं से इस टकराव का कोई स्थायी समाधान निकल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई इन वार्ताओं के नतीजों पर निर्भर करेगी।
दूसरी ओर, ईरान की तरफ से इस तरह की किसी औपचारिक बातचीत की पुष्टि नहीं की गई है। कुछ ईरानी मीडिया संस्थानों ने तो यहां तक कहा कि दोनों देशों के बीच कोई प्रत्यक्ष वार्ता नहीं चल रही है।
इससे पहले अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि यदि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए पूरे क्षेत्र में बिजली संयंत्रों और रणनीतिक ठिकानों पर हमला करने की धमकी दी थी।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं। संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने हवाई सुरक्षा सिस्टम के सक्रिय होने की जानकारी दी, जिससे तनाव और बढ़ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पड़ेगा। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है, ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दे सकती है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों ने भी चेतावनी दी है कि इस संघर्ष के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका असर खासकर एशिया और अफ्रीका के देशों पर ज्यादा पड़ सकता है।
वहीं, जमीनी हालात भी तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं। ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई जारी है, जिससे हजारों लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।