पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर लगभग सभी पार्टियों के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की जा चुकी है। इंतजार है तो कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची जारी होने की। इस बीच मध्य कोलकाता में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के प्रभावशाली नेता और पिछले लंबे समय से कांग्रेस के पार्षद रहे संतोष पाठक भाजपा में शामिल हो गए हैं।
सोमवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य व अन्य भाजपा नेताओं की उपस्थिति में वह भाजपा का झंडा थाम कर पार्टी में शामिल हुए। अब सबकी नजरें इसी बात पर टिकी हुई हैं कि भाजपा संतोष पाठक को किस सीट से चुनावी मैदान में अपना प्रत्याशी बनाकर उतारती है?
सोमवार को संतोष पाठक ने शमीक भट्टाचार्य के अलावा लॉकेट चटर्जी, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री विप्लव देव, पार्टी के राष्ट्रीय नेता अमित मालवीय की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। इस दौरान शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले 22 सालों से लगातार संतोष पाठक पार्षद रहे हैं और पिछले 4 सालों में उन्होंने सिर्फ आयाराम-गयाराम वाली राजनीति नहीं की है।
लेकिन पूरा पश्चिम बंगाल जहां तृणमूल नामक एक वायरस से पीड़ित है तब राज्य को उस वायरस से मुक्ति दिलाने के लिए ही संतोष पाठक हमारी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। कोलकाता में जितने लोग राजनीति करते हैं वह सभी संतोष पाठक को पहचानते हैं।
Shri Santosh Pathak, Councillor from Ward No. 45 of the Kolkata Municipal Corporation, joined the Bharatiya Janata Party today, receiving the party flag from State President @SamikBJP.
” BJP West Bengal (@BJP4Bengal) March 23, 2026
This joining once again reaffirms that BJP is the principal force leading the fight against pic.twitter.com/XdQTcA6HB6
संतोष पाठक ने क्या कहा?
कांग्रेस छोड़कर अचानक संतोष पाठक ने भाजपा का दामन थामने का क्यों फैसला लिया? इस बारे में उन्होंने कहा कि बंगाल में अभी पीसी-भाईपो (बुआ-भतीजा) की सरकार चल रही है। 2021 के चुनाव में मैंने जहां से चुनाव लड़ा था वहां मुझे पुलिस अधिकारियों व पुलिस ने ही हराने की कोशिश की थी। वे चाहते हैं कि यहां कोई विरोधी पार्टी का प्रतिनिधि न रहे।
अब मुझे लगता है कि मोदीजी के नेतृत्व में बुआ-भतीजा की सरकार गिरेगी। कांग्रेस बंगाल से तृणमूल को नहीं भगा सकेगी। अधीरदा (अधीर रंजन चौधरी) के समय में मैंने विधायक पद के लिए चुनाव भी लड़ा था। ममता (बनर्जी) के नेतृत्व में जिस प्रकार से चुनाव होता है इस बार शमीक भट्टाचार्य और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में वैसा नहीं हो सकेगा।
किस सीट से लड़ेंगे चुनाव?
क्या विधानसभा चुनाव में संतोष पाठक इस साल चौरंगी सीट से चुनाव लड़ेंगे? इस सवाल के जवाब में संतोष पाठक ने कहा कि इसका फैसला पार्टी लेगी। वहीं इस बारे में शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि इसका जवाब पार्टी देगी, हम नहीं। उनके साथ बात हुई है। उनका मानना है कि इस समय एकमात्र भाजपा ही है जो राज्य से तृणमूल को हटा सकती है। यह चुनाव तृणमूल बनाम जनता का चुनाव है।