मुंबई : मंगलवार को शेयर बाजार की शुरुआत काफी उत्साहजनक रही। सोमवार की तेज गिरावट के बाद जैसे ही बाजार खुला निवेशकों में एक नई उम्मीद देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स करीब 1500 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी 50 में भी लगभग 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हालांकि यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी और कुछ ही समय बाद बाजार शुष्क देखने को भी मिली।
दिन की शुरुआत भले ही शानदार रही हो, लेकिन सेंसेक्स अपनी ऊंची बढ़त को बनाए रखने में सफल नहीं रहा। 24 मार्च को सुबह करीब 11 बजे सेंसेक्स लगभग 400 अंकों की बढ़त के साथ 73 हजार 130 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 50 भी लगभग 22 हजार 646 अंकों के स्तर पर बना रहा।
शुरुआती तेजी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी साफ दिखा। बाजार खुलने के पहले कुछ ही मिनटों में निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ। Bombay Stock Exchange में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 415 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 420 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। हालांकि जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, यह बढ़त काफी हद तक घट गई। इसके बावजूद सोमवार की भारी गिरावट की तुलना में मंगलवार का बाजार कहीं अधिक संतुलित और सकारात्मक नजर आया।
बाजार में तेजी के कारण
वैश्विक घटनाक्रमों का बाजार पर स्पष्ट प्रभाव देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बातचीत की संभावना जताए जाने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। साथ ही इजराइल के एक मीडिया संस्थान ने यह दावा किया कि 9 अप्रैल तक संघर्ष समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इन संकेतों ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
वैश्विक बाजारों का सहयोग
एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखी गई। चीन, कोरिया और जापान के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। इन अंतरराष्ट्रीय संकेतों ने भारतीय बाजार को सहारा दिया।
भारतीय मुद्रा में मजबूती
ब्लूमबर्ग के अनुसार भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। रुपये की कमजोरी विदेशी निवेश के बाहर जाने का एक बड़ा कारण रही है, ऐसे में इसकी मजबूती बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। यह जानकारी केवल जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है।