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रातभर हुई बारिश में बह गया सिलीगुड़ी-मिरीक को जोड़ने वाला दुधिया सेतु, बंद है गाड़ियों की आवाजाही

दुधिया के नवनिर्मित ब्रिज को नुकसार पहुंचा है जिस कारण मिरीक से होकर दार्जिलिंग तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया।

By Moumita Bhattacharya, Saurav Nandi

Jun 19, 2026 10:48 IST

रातभर हुई भारी बारिश की वजह से उत्तर बंगाल में समतल से लेकर पहाड़ी इलाके तक में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज बारिश की वजह से दुधिया का अस्थायी पुल भी टूट गया है जिसकी वजह से सिलीगुड़ी-मिरीक के बीच गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

गुरुवार (18 जून) की रात को करीब 8 बजे सिलीगुड़ी समेत पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश शुरू हुई। रात को लगभग 10.30 बजे तक लगातार बारिश होती रही। इसकी वजह से कई पहाड़ी नदियों का जलस्तर बढ़कर खतरे की सीमा पर पहुंच गया।

बालासन नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया था। इसकी वजह से दुधिया के नवनिर्मित ब्रिज को नुकसार पहुंचा है जिस कारण मिरीक से होकर दार्जिलिंग तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। बताया जाता है कि मिरीक के निवासियों को घूमकर दूसरे रास्ते से होकर सिलीगुड़ी तक आवाजाही करनी पड़ रही है।

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बता दें, पिछले साल अक्तूबर में तेज बारिश की वजह से मिरीक समेत कार्शियांग और दार्जिलिंग के कई इलाकों में भूस्खलन हुआ था। इस दौरान बड़ी संख्या में जान-माल को नुकसान पहुंचा था। काफी लोग लापता भी हो गए थे।

बताया जाता है कि उसी समय बालासन नदी की तेज धारा में दुधिया के मुख्य सेतु का स्तंभ संख्या 3 क्षतिग्रस्त हो गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी परिस्थिति का जायजा लेने उत्तर बंगाल के दौरे पर गयी थी और आनन-फानन में बालासन नदी पर अस्थायी सेतु के निर्माण का आदेश दिया था।

लेकिन भारी बारिश और नदी में जलस्तर की वृद्धि की वजह से बार-बार यह सेतु भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। हालांकि सरकार की ओर से नई ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है लेकिन उसका निर्माण अगले साल से पहले संपन्न होने की संभावना नजर नहीं आ रही है।

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मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रात को लगभग ढाई घंटे तक हुई बारिश में मिरीक में 63 मिलीमीटर और कार्शियांग में 113 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बताया जाता है कि बालासन नदी में अचानक इतनी भारी मात्रा में पानी के पहुंच जाने की वजह से दुधिया के अस्थायी सेतु को नुकसान पहुंचा है।

बताया जाता है कि इसी समय सिलीगुड़ी में 246 मिलीमीटर बारिश हुई जिसकी वजह से सिलीगुड़ी में महानंदा समेत अन्य छोटी-बड़ी नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। महानंदा नदी वर्तमान में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नदी का बहाव और उसमें पानी की मात्रा कम होने के बाद दुधिया के सेतु की मरम्मत की जाएगी।

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