बीजिंग: भारत ने एक बार फिर वैश्विक निवेशकों, विशेष रूप से चीन के कारोबारी समुदाय को देश में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया है। शंघाई में आयोजित विभिन्न व्यापार और निवेश बैठकों में भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने कहा कि भारत की तेज़ी से विकसित होती अर्थव्यवस्था दुनिया भर के निवेशकों और व्यावसायिक साझेदारों के लिए व्यापक संभावनाएं प्रस्तुत कर रही है।
प्रतीक माथुर ने कहा कि भारत लचीलेपन, नवाचार, सतत विकास और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने वाली साझेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की गतिशील और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था निवेश और व्यापार के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध करा रही है और दुनिया भर के निवेशकों को इन संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आना चाहिए।
वैश्विक कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया
शंघाई में आयोजित व्यापारिक और निवेश संबंधी कार्यक्रमों के दौरान प्रतीक माथुर ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों, उद्यमियों और उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार की प्रमुख पहलों ‘मेक इन इंडिया’, ‘इन्वेस्ट इंडिया’ और ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ के तहत उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत न केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार है, बल्कि वैश्विक विनिर्माण, नवाचार और निवेश के लिए भी तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।
वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भारत की भूमिका पर प्रकाश
महावाणिज्यदूत ने कहा कि भारत आज वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विकास को गति देने में भी भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। माथुर ने निवेश गंतव्य के रूप में भारत की बढ़ती आकर्षण क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता मिलने के बाद भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका और अधिक मजबूत हुई है।
ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान सहयोग बढ़ाने पर भारत का फोकस
उन्होंने बताया कि भारत ने इस वर्ष बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी विषय के साथ ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है। उनके अनुसार भारत जन-केंद्रित और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाते हुए ब्रिक्स सदस्य देशों तथा व्यापक वैश्विक दक्षिण के बीच सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
व्यापार, प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखलाओं पर विशेष ध्यान
माथुर ने कहा कि भारत व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, सतत विकास और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है। उनका कहना था कि बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में देशों के बीच विश्वसनीय और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। भारत ऐसे सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है जो सभी साझेदार देशों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित कर सके।
शंघाई के निवेश मंच में भारत का प्रतिनिधित्व
माथुर ने शंघाई के जिंगआन जिले में आयोजित निवेश मंच में कांसुलर कोर का प्रतिनिधित्व भी किया। जिंगआन जिला अपने ऐतिहासिक जिंगआन मंदिर के लिए जाना जाता है, जिसे भारत और चीन के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों का प्रतीक माना जाता है।