कैलिफोर्निया: दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर सकती है। कंपनी के निवर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने एक साक्षात्कार में संकेत दिया है कि मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती लागत अब कंपनी के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उनका कहना है कि ग्राहकों को मूल्य वृद्धि से बचाने के लिए अब तक हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन मौजूदा स्थिति लंबे समय तक बनाए रखना कठिन होता जा रहा है।
मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
टिम कुक ने कहा कि कंपनी पर चिप निर्माताओं की ओर से बढ़ी हुई लागत का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति को "अस्थिर" बताते हुए कहा कि एप्पल ने अब तक कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ ग्राहकों तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की है, लेकिन लागत में लगातार वृद्धि चिंता का विषय है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यदि कीमतें बढ़ाई जाती हैं तो किन उत्पादों पर इसका असर पड़ेगा।
AI बूम से मेमोरी चिप्स की मांग में जबरदस्त उछाल
हाल के वर्षों में AI तकनीक के तेजी से विस्तार के कारण मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की वैश्विक मांग में भारी वृद्धि हुई है। बड़े पैमाने पर AI मॉडल विकसित करने और एंटरप्राइज AI समाधानों को लागू करने के लिए विशाल डेटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन डेटा सेंटरों में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU), सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU), मेमोरी चिप्स और स्टोरेज चिप्स की बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है। यही कारण है कि चिप बाजार पर AI कंपनियों की मांग का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
एप्पल जैसी कंपनियों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित करना बना चुनौती
AI क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण एप्पल जैसी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को आवश्यक मेमोरी चिप्स की आपूर्ति सुनिश्चित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। आईफोन, आईपैड और अन्य उपकरणों के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है, लेकिन AI उद्योग की बढ़ती मांग के चलते इन चिप्स की उपलब्धता सीमित होती जा रही है।
सितंबर में लॉन्च हो सकता है iPhone 18
बाजार में यह भी चर्चा है कि एप्पल सितंबर में अपनी अगली आईफोन श्रृंखला, iPhone 18 पेश कर सकती है। रिपोर्टों के अनुसार कंपनी पहली बार फोल्डेबल फोन भी पेश कर सकती है। ऐसे समय में जब नए उत्पादों की तैयारी चल रही है, मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें और आपूर्ति संबंधी चुनौतियां एप्पल की लागत संरचना को प्रभावित कर सकती हैं।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनियों का बढ़ रहा निवेश
अमेजन की क्लाउड सेवा एडब्ल्यूएस और अल्फाबेट जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां विशाल AI मॉडल विकसित करने के लिए अपने कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही हैं। AI मॉडल के प्रशिक्षण के लिए बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग क्षमता और उन्नत चिप्स की आवश्यकता होती है। इस कारण मेमोरी चिप्स की मांग लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है, जिसका असर पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग पर पड़ रहा है।
चिप निर्माताओं को मिला बड़ा फायदा
मेमोरी और स्टोरेज चिप्स बनाने वाली कंपनियां इस बढ़ती मांग का लाभ उठा रही हैं। दक्षिण कोरिया की एसके हाइनिक्स और सैमसंग तथा अमेरिका की माइक्रोन जैसी कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इन कंपनियों का बाजार मूल्यांकन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
नई पीढ़ी के मेमोरी चिप्स पर तेजी से काम
उन्नत मेमोरी तकनीक के क्षेत्र में भी तेज प्रगति हो रही है। दक्षिण कोरिया की एसके हाइनिक्स ने अपने नवीनतम हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप का नमूना ग्राहकों को भेजना शुरू कर दिया है। कंपनी के अनुसार 12-लेयर HBM4E चिप प्रति पिन 16 गीगाबिट प्रति सेकंड तक की गति प्रदान कर सकती है। साथ ही यह पिछली पीढ़ी की चिप्स की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक बेहतर ऊर्जा दक्षता उपलब्ध कराती है।
वैश्विक चिप बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के विस्तार के साथ मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की मांग आगे भी बढ़ती रहेगी। ऐसे में चिप निर्माताओं और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के बीच आपूर्ति को लेकर प्रतिस्पर्धा और अधिक तेज हो सकती है, जिसका असर आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।