तृणमूल के चुनाव चिन्ह और पार्टी कोष पर किसका अधिकार होगा? इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर गुरुवार (18 जून) को पूर्व तृणमूल विधायक अरुप विश्वास ने बैंक को पत्र लिखकर तृणमूल के अकाउंट से निकालने की अनुमति न देने का अनुरोध किया है।
17 जून को ममता बनर्जी के PSO यानी व्यक्तिगत सुरक्षा को हटा दिया गया है जिसे लेकर विवाद भी शुरू हो चुका है। इस बीच शाम को विरोधी पार्टी के नेता ऋतव्रत बंद्योपाध्याय ने मीडिया को संबोधित किया जिसमें उन्होंने तृणमूल के अकाउंट को फ्रिज करने के मामले का समर्थन किया है। ममता बनर्जी के PSO को बदलने के मुद्दे पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
अरुप विश्वास का अनुरोध - अकाउंट किया जाए फ्रिज़
मिली जानकारी के अनुसार आज (18 जून) को तृणमूल के पूर्व विधायक अरुप विश्वास ने निजी बैंक के मैनेजर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि तृणमूल (AITC) के बैंक अकाउंट से कोई लेन-देन न हो सके, इसे सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बैंक के सेंट्र प्लाजा ब्रांच को पत्र लिखा है।
पत्र में उन्होंने अपना परिचय तृणमूल के कोषाध्यक्ष यानी ट्रेजरर के तौर पर दिया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि पार्टी के अंदर परिस्थिति ठीक नहीं है। संसदीय और परिषदीय पार्टी टूट रही है। पार्टी का चुनाव चिन्ह और कोष किसके पास रहेगा, इसे लेकर भी जटिलताएं पैदा हो रही हैं।
ऐसी परिस्थिति में पार्टी के अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए ही सभी लेन-देन को बंद रखने का अनुरोध करते हुए उन्होंने पत्र लिखा।
पूर्व मुख्यमंत्री के पुराने PSO को हटाया गया
तृणमूल कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पुराने PSO यानी सरकारी सुरक्षा कर्मियों को हटाने का आरोप लगाया है। पार्टी की तरफ से डेरेक ओ'ब्रायन ने दावा किया कि ये सुरक्षा कर्मी पिछले 2 दशक से ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात थे।
उन्होंने दावा किया कि बुधवार की शाम को सुबोध मल्लिक स्क्वॉयर (धर्मतल्ला) में ममता बनर्जी ने जो जुलूस निकाला था, उसमें उनके पुराने PSO मौजूद थे लेकिन शाम को साढ़े 7 बजे उन्हें हटा दिया गया। विकल्प के तौर पर नए लोगों को तैनात किया गया है।
PSO को बदलना सुरक्षा में कमी नहीं है - ऋतव्रत बंद्योपाध्याय
मीडिया को संबोधित करते हुए विरोधी पार्टी के नेता ऋतव्रत बंद्योपाध्याय ने इन दोनों घटनाओं के बारे में अपना बयान दिया। तृणमूल के बैंक अकाउंट फ्रिज़ करने के बारे में उन्होंने कहा कि इसकी क्या गारंटी है कि उस अकाउंट में डाके का, कटमनी का या भ्रष्टाचार का रुपया नहीं गया है?
इसलिए अरुप विश्वास ने जो पत्र लिखा है वह सही लग रहा है। मुझे लगता है कि तृणमूल के अकाउंट को फ्रिज़ करने की जरूरत है। मैं इन बातों को साबित तो नहीं कर पाउंगा लेकिन सरकार चाहे तो जांच कर सकती है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के PSO को बदलने के मुद्दे पर ऋतव्रत ने कहा कि PSO को बदलना नियमित प्रक्रिया है।
PSO को बदलने का मतलब सुरक्षा को कम करना नहीं है। मैं व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं कि पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के PSO को कहां ड्यूटी पर भेजा गया था, पूर्व विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी के PSO को कहां भेजा गया था।