कोलकाताः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित पश्चिम बंगाल दौरे के अलावा 20 जून को मनाए जाने वाले पश्चिम बंगाल दिवस और 21 जून के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक स्वच्छता अभियान छेड़ दिया है। सरकार ने इसे ‘स्वच्छता से स्वागत’ का नाम दिया है और साफ-सुथरे बंगाल के निर्माण के लिए आम लोगों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले बंगाल को चमकाने के लिए जोर-शोर से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही यह संकेत भी दे दिया गया है कि आने वाले महीनों में स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर मामलों एवं शहरी विकास राज्यमंत्री अग्निमित्रा पॉल ने गुरुवार को बताया कि पूरे राज्य में छह दिनों का विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि हर नागरिक इस पहल का हिस्सा बने और शहरों व कस्बों को साफ-सुथरा रखने में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करे।
अग्निमित्रा पॉल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल प्रधानमंत्री के दौरे या आगामी आयोजनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे वर्ष स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को नई व्यवस्था और नियमों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। इसके बाद नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 1 सितंबर से सड़कों पर कचरा, प्लास्टिक अपशिष्ट या अन्य प्रकार की गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। उनका कहना था कि स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि नागरिकों की भी है।
राज्य सरकार ने जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाओं की भी घोषणा की है। मंत्री के अनुसार बाजारों, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुलभ शौचालय परिसरों का निर्माण कराया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन भी शुरू किया गया है। इस एप के माध्यम से लोग सफाई संबंधी समस्याओं की तस्वीर अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। मंत्री ने दावा किया कि शिकायत प्राप्त होने के दो घंटे के भीतर सफाईकर्मियों को मौके पर भेजकर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए नालों और नहरों की सफाई तथा मरम्मत का काम भी तेज कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य जलजमाव की समस्या को कम करना है। इसके अलावा सड़क किनारे लगे लैम्पपोस्ट से करंट लगने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि लंबे समय से हावड़ा नगर निगम के चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसी स्थिति में विभिन्न विकास कार्यों की जिम्मेदारी स्थानीय विधायकों द्वारा निभाई जा रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति भी की गई है।
पर्यावरण संरक्षण को अभियान का अहम हिस्सा बताते हुए मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने लोगों से खरीदारी के दौरान कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे थैले लोगों को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कम कीमत वाली वेंडिंग मशीनें स्थापित की जाएंगी।
एकल-उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ भी सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। मंत्री ने कहा कि ऐसे उत्पादों का निर्माण करने वाली इकाइयों के संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखा जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माताओं और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
अंत में उन्होंने राज्यवासियों से स्वच्छता अभियान को सफल बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि साफ-सुथरा शहर और स्वच्छ बंगाल तभी संभव है, जब नागरिक और प्रशासन मिलकर इस दिशा में निरंतर प्रयास करें।