नई दिल्ली: मानव अंग तस्करी और अवैध प्रत्यारोपण से जुड़े कथित नेटवर्क की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को केरल के कोच्चि और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 10 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की, जिनमें कई अस्पताल और उनसे जुड़े प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।
अस्पतालों और संबद्ध संस्थानों पर कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार जिन परिसरों में तलाशी ली गई, उनमें ऐसे अस्पताल और अन्य संस्थान शामिल हैं जिनके इस कथित रैकेट से जुड़े होने की आशंका है। ईडी के राज्य स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने मामले से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ प्राप्त सूचनाओं के आधार पर गुरुवार सुबह यह अभियान शुरू किया।
मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की भी जांच
सूत्रों ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी संभावित धनशोधन गतिविधियों की जांच का हिस्सा है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन कथित गैरकानूनी गतिविधियों से अर्जित धन का उपयोग किस प्रकार किया गया और उसे कहां-कहां भेजा गया।
बिचौलियों और चिकित्सा पेशेवरों की भूमिका पर नजर
जांच एजेंसी उन बिचौलियों, चिकित्सा पेशेवरों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है, जिन पर आर्थिक लाभ के लिए कथित तौर पर अनधिकृत अंग प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं की व्यवस्था कराने का संदेह है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में किस-किस स्तर पर लोगों की भागीदारी रही।
वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड खंगाल रही एजेंसी
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है। जांचकर्ता वित्तीय दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अस्पतालों से जुड़े आंकड़ों की जांच कर रहे हैं ताकि धन के लेनदेन का पता लगाया जा सके और संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
शेल कंपनियों के इस्तेमाल की भी पड़ताल
ईडी यह भी जांच कर रही है कि क्या इन गतिविधियों से प्राप्त धन को शेल कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर भेजा गया या फिर जटिल वित्तीय लेनदेन के जरिए उसकी वास्तविक स्रोत पहचान छिपाने का प्रयास किया गया। एजेंसी इस बात का भी विश्लेषण कर रही है कि धन का प्रवाह किन माध्यमों से हुआ।
सबूत सुरक्षित रखने के लिए समन्वित तलाशी अभियान
अधिकारियों के मुताबिक ईडी की कई टीमें एक साथ विभिन्न स्थानों पर समन्वित तरीके से तलाशी अभियान चला रही हैं। इसका उद्देश्य संभावित सबूतों को नष्ट होने से बचाना और मामले की व्यापक एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।
अवैध अंग व्यापार को लेकर बढ़ी चिंता
यह मामला अवैध मानव अंग व्यापार से जुड़े उन नेटवर्कों को लेकर बढ़ती चिंताओं को भी सामने लाता है, जो अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों का कथित रूप से शोषण करते हैं। हाल के वर्षों में केंद्रीय एजेंसियों ने ऐसे नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है और कानून के कड़ाई से पालन पर जोर दिया है। फिलहाल ईडी की जांच जारी है और एजेंसी तलाशी अभियान से प्राप्त दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।