आर्लिंगटन : फीफा विश्व कप 2026 में क्रोएशिया पर 4-2 की शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने अपने अभियान का विजयी आगाज किया, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा टीम के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल के बयान की रही। विश्व कप में बतौर कोच अपने पहले मुकाबले के दौरान ट्यूशेल राष्ट्रीय गान के समय अपनी ही टीम के खिलाड़ियों को नहीं देख पाए, जिसके बाद उन्होंने फीफा से फोटोग्राफरों की स्थिति बदलने की अपील की।
टेक्सास में खेले गए इस मुकाबले के बाद थॉमस ट्यूशेल ने कहा कि राष्ट्रीय गान के दौरान का वह पल उनके लिए बेहद खास था, लेकिन मैदान के किनारे खड़े बड़ी संख्या में फोटोग्राफरों ने उनका दृश्य पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए भावनात्मक था और वह इस अवसर का वर्षों से इंतजार कर रहे थे।
राष्ट्रीय गान के दौरान ट्यूशेल ने इंग्लैंड का राष्ट्रगान 'गॉड सेव द किंग' नहीं गाया, बल्कि शांत खड़े रहे। हालांकि उनका ध्यान खिलाड़ियों की ओर था, लेकिन फोटोग्राफरों की भीड़ के कारण वह अपनी टीम की लाइन-अप नहीं देख सके।
मैच के दौरान भी ट्यूशेल का जोशीला अंदाज देखने को मिला। मुकाबले के बीच वह इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड से नाराज नजर आए। कप्तान हैरी केन के शुरुआती गोल के बावजूद इंग्लैंड पहले हाफ के अंत तक 2-2 की बराबरी पर था, जिससे कोच संतुष्ट नहीं थे।
मैदान किनारे लगे माइक्रोफोन में ट्यूशेल की आवाज भी रिकॉर्ड हुई। वह पिकफोर्ड को निर्देश देते हुए दिखाई दिए कि गेंद को दाएं छोर पर मौजूद फुल-बैक की ओर खेलें और असंतुलित स्थिति में जोखिम भरे पास देने से बचें। जब पिकफोर्ड ने जवाब देने की कोशिश की, तब ट्यूशेल ने उन्हें रोकते हुए कहा कि उन्हें पता है कि क्या करना है और वही करना चाहिए जो निर्देश दिया गया है।
जहां एक ओर कोच की प्रतिक्रिया चर्चा में रही, वहीं मैदान पर कप्तान हैरी केन ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दो गोल दागकर इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनका पहला गोल 12वें मिनट में पेनाल्टी से आया, जबकि दूसरा गोल 42वें मिनट में दर्ज हुआ।
इस मुकाबले में हैरी केन ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी हासिल कीं। वह इंग्लैंड के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने तीन अलग-अलग फीफा विश्व कप (2018, 2022 और 2026) में गोल दागे हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी डेविड बेकहम ने हासिल की थी, जिन्होंने 1998, 2002 और 2006 विश्व कप में गोल किए थे।
केन ने विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 10 तक पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के लिए विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने के मामले में महान स्ट्राइकर गैरी लिनेकर की बराबरी कर ली।
इसके अलावा केन ने फीफा विश्व कप इतिहास में पेनाल्टी शूटआउट को छोड़कर सबसे अधिक पेनाल्टी गोल करने का नया रिकॉर्ड भी बनाया। अब उनके नाम विश्व कप में कुल पांच पेनाल्टी गोल दर्ज हैं।
दूसरी ओर क्रोएशिया के अनुभवी खिलाड़ी इवान पेरिसिच ने भी एक विशेष उपलब्धि हासिल की। वह विश्व कप के चार अलग-अलग संस्करणों में असिस्ट दर्ज करने वाले इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी के नाम था।
इंग्लैंड के लिए यह जीत विश्व कप अभियान की आदर्श शुरुआत साबित हुई, जबकि थॉमस ट्यूशेल के लिए यह मुकाबला यादगार होने के साथ-साथ कुछ अधूरा भी रह गया, क्योंकि वह उस भावनात्मक क्षण को पूरी तरह जी नहीं पाए जिसका इंतजार उन्होंने वर्षों तक किया था।