देहरादून : उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने और उग्रवादी सोच को बढ़ावा देने के आरोप में ऊधम सिंह नगर जिले के एक युवक को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एजेंसी को कई संवेदनशील जानकारियां और संदिग्ध डिजिटल सामग्री भी मिली है जिनकी गहन पड़ताल की जा रही है।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ और खुफिया सूचनाओं से संकेत मिले हैं कि आरोपी कथित रूप से एक ऐसे हैंडलर के संपर्क में था, जिसका संबंध पाकिस्तान से बताया जा रहा है और जो मलेशिया में सक्रिय था। उन्होंने कहा कि किसी विशेष घटना को अंजाम देने की तैयारियां किए जाने की भी जानकारी सामने आई है, हालांकि इस संबंध में अधिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
एसटीएफ के अनुसार गोपनीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर अब्दुल मलिक के पुत्र मोहम्मद सलाहुद्दीन, निवासी गदरपुर, जिला ऊधम सिंह नगर, को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान उस पर युवाओं को प्रभावित करने तथा सोशल मीडिया के जरिए कथित रूप से कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार का आरोप सामने आया।
अजय सिंह ने बताया कि आरोपी इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था। उस पर सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रतिकूल गतिविधियों के लिए लोगों को कथित रूप से प्रेरित करने का भी आरोप है।
एसटीएफ द्वारा आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में टेलीग्राम और सिग्नल पर कई समूहों और चैट का पता चला, जिनमें कथित रूप से जिहाद, शहादत और राष्ट्र-विरोधी विचारधारा से जुड़ी सामग्री मौजूद थी। जांचकर्ताओं के अनुसार शुरुआती निष्कर्षों से यह संकेत मिला है कि युवाओं को गुमराह कर उन्हें उग्रवादी सोच की ओर मोड़ने के प्रयास किए जा रहे थे।
जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में आरोपी के सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय अथवा सीमा पार सक्रिय कट्टरपंथी तत्वों से संभावित संबंधों के संकेत मिले हैं। इन कथित संपर्कों की सत्यता और उनकी सीमा की जांच अभी जारी है।
तफ्तीश के दौरान हथियारों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण तथा आवाजाही से जुड़ी कुछ संदिग्ध बातचीत भी एजेंसियों के संज्ञान में आई। इन संवादों का तकनीकी और फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है।
एसटीएफ के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने कुछ चैट और संपर्कों को हटा दिया था। अधिकारियों को यह भी पता चला कि वह उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी एक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसकी भूमिका की अब जांच की जा रही है।
एजेंसी ने कहा कि पूछताछ के दौरान कई संवेदनशील जानकारियां प्राप्त हुई हैं। पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से यह भी स्वीकार किया कि कुछ घटनाओं से प्रभावित होकर उसके भीतर कट्टरपंथी विचार विकसित हुए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(सी) और 66(एफ) के तहत गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कथित राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अजय सिंह ने कहा कि मामले से संबंधित सभी खुफिया एजेंसियों और संबंधित प्राधिकारियों को सूचित कर दिया गया है तथा कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।