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उद्धव गुट का चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर हमला, संजय राउत बोले- लोकतंत्र के क्षरण के लिए दोनों जिम्मेदार

सांसदों की खरीद-फरोख्त का आरोप, उद्धव गुट ने 50 करोड़ रुपये की पेशकश का किया दावा।

By रजनीश प्रसाद

Jun 18, 2026 15:25 IST

मुंबई : शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के भीतर बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र जिस तरह कमजोर हो रहा है उसके लिए प्राथमिक रूप से सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग जिम्मेदार हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह संसदीय दल की बैठक से अनुपस्थित रहे जिससे उनके एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

गुरुवार को आयोजित उद्धव गुट की संसदीय दल की बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे मौजूद रहे। वहीं नागेश आस्तिकर, संजय देशमुख, संजय यादव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक में शामिल नहीं हुए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई कि ये सांसद जल्द ही आधिकारिक रूप से शिंदे गुट का दामन थाम सकते हैं।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने अनुपस्थित सांसदों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें सांसद बनाया है और वही कार्यकर्ता आज सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ये सांसद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाते हैं तो उन्हें अपने साथ भारतीय सेना भी ले जानी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा कि इन ‘विद्रोही’ सांसदों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उद्धव ठाकरे गुट इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा तो राउत ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि वर्तमान हालात के लिए सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग दोनों की जिम्मेदारी बनती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को जो नुकसान पहुंच रहा है उसके लिए ये संस्थाएं भी जवाबदेह हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से उद्धव ठाकरे गुट लगातार दावा कर रहा है कि वह अपने कई सांसदों से संपर्क नहीं कर पा रहा है। पार्टी के अनुसार, संबंधित सांसदों को फोन और संदेश भेजे गए, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

इसी पृष्ठभूमि में बुधवार को उद्धव गुट के तीन लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि दल छोड़ने वाले सांसदों को किसी भी प्रकार के अलग समूह के रूप में मान्यता न दी जाए।

संजय राउत ने सांसदों की कथित खरीद-फरोख्त का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए प्रत्येक को अलग-अलग 50 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है। वहीं सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रत्येक सांसद को 15 करोड़ रुपये अग्रिम दिए जा रहे हैं। राउत ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर और निंदनीय करार दिया।

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