आइजोल : मिजोरम में पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को पुलिस विभाग के लिए हाल ही में खरीदे गए नए वाहनों को औपचारिक रूप से रवाना किया। यह कार्यक्रम 3rd बटालियन एमएपी परेड ग्राउंड, मुअलपुई में आयोजित किया गया, जहां राज्य पुलिस बल के आधुनिकीकरण को एक नई गति प्रदान करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मिजोरम के गृह मंत्री के. सपडांगा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के शीर्ष अधिकारी तथा आइजोल में तैनात एआईजीपी और उससे ऊपर के रैंक के सभी इकाई प्रमुख मौजूद रहे।
इस पूरे वाहन अधिग्रहण को गृह मंत्रालय, भारत सरकार की सहायता से राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पुलिस आधुनिकीकरण सहायता योजना (एएसयूपीएम) 2025-2026 के तहत मंजूरी दी गई है। योजना के तहत मिजोरम पुलिस के लिए कुल 219 वाहनों की खरीद को स्वीकृति दी गई है, जिसका उद्देश्य राज्य में पुलिस की गतिशीलता, परिचालन क्षमता और सेवा वितरण को मजबूत करना है।
सरकारी जानकारी के अनुसार इस आधुनिकरण परियोजना पर कुल 33.83 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें 30.45 करोड़ रुपये केंद्रीय हिस्सा और 3.38 करोड़ रुपये राज्य का हिस्सा शामिल है।
नई वाहन श्रृंखला में 15 पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक स्कूटर, 160 सीसी क्षमता वाली 21 मोटरसाइकिलें, तथा 96 हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) शामिल है, जिनमें स्कॉर्पियो एन (4x4), बोलेरो नियो, बोलेरो बी6 और बोलेरो कैंपर जैसे वाहन शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त बेड़े में 18 भारी मोटर वाहन, 30 मध्यम मोटर वाहन, और 24 मध्यम मोटर वाहन बसें शामिल है, हालांकि बसों की डिलीवरी अभी लंबित है। साथ ही 5 पानी के टैंकर, 3 जेल वैन, और 3 बुलेट-प्रतिरोधी टोयोटा फॉर्च्यूनर वाहन भी शामिल किए गए है, जिन्हें जेड+ श्रेणी के वीवीआईपी सुरक्षा कार्यों में उपयोग किया जाएगा। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 4 टोइंग ट्रक भी बेड़े में जोड़े गए हैं।
इन वाहनों का वितरण राज्यभर में किया जाएगा, जिसके तहत मिजोरम के सभी 44 पुलिस थानों को एक-एक हल्का मोटर वाहन मिलेगा। इसी प्रकार सभी 15 पुलिस चौकियों को भी एक-एक एलएमवी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा ये वाहन सशस्त्र पुलिस बटालियनों, विशेष इकाइयों, जिला कार्यकारी बलों और पुलिस प्रशिक्षण स्कूल को भी आवंटित किए जाएंगे।
ट्रैफिक पुलिस और जिला इकाइयों के लिए चार टोइंग ट्रक विशेष रूप से तैनात किए जाएंगे ताकि सड़क सुरक्षा और संचालन क्षमता को बेहतर बनाया जा सके। राज्य कार्य योजना 2025-2026 के अंतर्गत मिजोरम को कुल 43.87 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें 39.37 करोड़ रुपये केंद्रीय हिस्सा और 4.50 करोड़ रुपये राज्य का हिस्सा शामिल है। इस बजट का उपयोग सुरक्षा उपकरण, स्मार्ट पुलिसिंग उपकरण, फॉरेंसिक उपकरण और वाहन जैसे संसाधनों की खरीद में किया गया है।
यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 के बाद पहली बार पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत वाहनों की खरीद की अनुमति दी गई है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2021-2022 के बाद पहली बार मिजोरम को केंद्र से पुलिस आधुनिकीकरण कार्यक्रम/एएसयूपीएम योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।
यह नई वाहन श्रृंखला मिजोरम पुलिस के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे राज्य में आपातकालीन प्रतिक्रिया, कानून-व्यवस्था नियंत्रण और जनसेवा की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।