पटनाः बिहार में सरकारी बंगले के आवंटन को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेता राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली कराने का मामला अब सियासी टकराव का रूप लेता जा रहा है।
भवन निर्माण विभाग द्वारा 27 मई को जारी आदेश में यह बंगला एनडीए सरकार के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है। यह बंगला राजभवन और मुख्यमंत्री आवास के नजदीक स्थित है। आदेश के बावजूद राबड़ी देवी ने यह आवास खाली नहीं किया है।
आदेश के बाद भी नहीं बदला आवास
सूत्रों के अनुसार, जब यह आदेश जारी हुआ उस समय राबड़ी देवी छुट्टी पर थीं। पटना लौटने पर जब पत्रकारों ने उनसे इस विषय पर सवाल किया तो उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनने को लेकर काफी उत्साहित हैं, अगर उनकी सरकार है तो मुझे जबरन ही घर से निकाल दे। मैं यह घर खाली नहीं करूंगी।”
गौरतलब है कि यह आवास उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में पिछली सरकार द्वारा आवंटित किया गया था, जब जदयू प्रमुख नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे। राबड़ी देवी फिलहाल विधान परिषद में विपक्ष की नेता हैं और लंबे समय से इस बंगले में रह रही हैं।
पहले भी जारी हो चुका है आदेश
सरकार ने उन्हें पिछले वर्ष नवंबर में भी यह बंगला खाली करने को कहा था, जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे। उस समय यह बंगला तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा को आवंटित किया गया था। हालांकि, राबड़ी देवी के इनकार के कारण वे इस आवास में शिफ्ट नहीं हो सके।
वर्तमान में विजय कुमार सिन्हा कैबिनेट में मंत्री हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री का पद उनके पास नहीं है।
सरकार का पक्ष और आवास आवंटन नीति
भवन निर्माण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि विपक्ष की नेता के लिए 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास पहले से ही आवंटित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राबड़ी देवी को उसी आवास में स्थानांतरित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति का अधिकार नहीं होता, यह सरकार के विवेकाधिकार में आता है कि किसे कौन सा बंगला दिया जाए। मंत्री ने उम्मीद जताई कि एक पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते राबड़ी देवी नियमों का पालन करेंगी।
पुलिस तैनाती और बढ़ता दबाव
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में सरकार की ओर से सख्ती बढ़ती दिख रही है और बंगले के आसपास पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। बताया गया कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने भी मौके पर जाकर स्थिति समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
राजद का पलटवार
राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता चितरंजन गगन ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीए सरकार विपक्ष के साथ “भेदभावपूर्ण और बदले की राजनीति” कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि 20 वर्षों से जिस आवास में नेता रह रहे हैं, उसे खाली कराने पर इतना दबाव क्यों बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार नियमों की बात करती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्हीं नियमों को अपने अनुसार बदल लेती है।