नई दिल्ली : म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग शनिवार को बोधगया से नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनके आगामी आधिकारिक कार्यक्रम और द्विपक्षीय बैठकों का आयोजन किया जाएगा। उनकी इस यात्रा को भारत और म्यांमार के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि नई दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का स्वागत किया।
रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का बोधगया से नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत है। उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे पर उनका स्वागत केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।
इससे पहले दिन में राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने बोधगया स्थित पवित्र महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच साझा बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक संबंधों की गहराई को दर्शाती है।
उन्होंने एक्स पर किए गए एक अन्य पोस्ट में कहा कि म्यांमार के राष्ट्रपति ने आज बोधगया का दौरा किया और पवित्र महाबोधि मंदिर में प्रार्थना अर्पित की। यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच गहरे आध्यात्मिक तथा सभ्यतागत संबंधों का प्रतीक है, जिनकी जड़ें साझा बौद्ध परंपरा में हैं और जो पीढ़ियों से दोनों देशों के लोगों को आपस में जोड़ती रही हैं।
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग शनिवार को बिहार के बोधगया पहुंचे थे। इस अवसर पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनका स्वागत करते हुए भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित किया।
उन्होंने एक्स पर बताया कि बोधगया पहुंचने पर राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।
म्यांमार के राष्ट्रपति की यह यात्रा 30 मई से 2 जून तक निर्धारित है। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है और राष्ट्रपति के रूप में यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत की यह पहली आधिकारिक यात्रा है।
इस यात्रा के दौरान उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है, जिसमें कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और प्रमुख उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि शामिल हैं।
शुक्रवार को आयोजित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। उम्मीद की जा रही है कि इन वार्ताओं से भारत और म्यांमार के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी।