नई दिल्लीः देशभर के विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG 2026) शनिवार को कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण समय पर शुरू नहीं हो सका। इस वजह से छात्रों को लंबे समय तक परीक्षा केंद्रों पर इंतजार करना पड़ा।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बताया कि यह समस्या परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की ओर से आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई। हालांकि बाद में समस्या को ठीक कर लिया गया और परीक्षा को आगे सुचारु रूप से आयोजित किया गया।
देरी के बाद बदला गया समय
NTA ने परीक्षा के समय में भी बदलाव किया। दोपहर की पाली के लिए अब रिपोर्टिंग और प्रवेश का समय दोपहर 2:30 बजे रखा गया है, जबकि परीक्षा शाम 4 बजे शुरू हुई। पहले यह समय 3 बजे निर्धारित था।
सुबह की पाली के अभ्यर्थियों को भी पूरा निर्धारित समय दिया गया और उन्हें परीक्षा समाप्त होने के बाद ही केंद्र से बाहर जाने की अनुमति दी गई, ताकि किसी भी छात्र को नुकसान न हो।
छात्रों को मिला अतिरिक्त समय
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि तकनीकी समस्या का असर छात्रों पर न पड़े, इसके लिए सभी प्रभावित केंद्रों पर अतिरिक्त समय दिया गया। NTA ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था।
साथ ही, एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से असुविधा के लिए खेद भी जताया। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सपोर्ट भी जारी किया गया है।
TCS ने जताया खेद, दी सफाई
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन ने कहा कि सुबह की पाली में लगभग दो घंटे की देरी एक संक्षिप्त तकनीकी समस्या के कारण हुई थी। तकनीकी टीम ने तुरंत इसे ठीक कर दिया और उसके बाद परीक्षा बिना किसी बड़ी बाधा के आगे बढ़ी।
उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और प्रणाली की अखंडता पर कोई असर नहीं पड़ा है और सिस्टम को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर नाराजगी
इधर, कई छात्रों और अभिभावकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि केंद्रों पर समय पर कोई जानकारी नहीं दी गई और घंटों तक इंतजार करना पड़ा।
कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों को दूर-दराज केंद्रों पर बुलाया गया, जिससे उन्हें सुबह बहुत जल्दी निकलना पड़ा, लेकिन परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी। भीषण गर्मी में लंबा इंतजार और सूचना की कमी को लेकर भी सवाल उठाए गए।
CUET-UG में बार-बार उठते सवाल
गौरतलब है कि CUET-UG परीक्षा 2022 से शुरू हुई थी और तब से इसमें कई बार संचालन से जुड़ी समस्याएं सामने आ चुकी हैं। इनमें परीक्षा केंद्र बदलना, लॉगिन और सर्वर समस्या, देरी से परीक्षा शुरू होना और कुछ केंद्रों पर परीक्षा रद्द होना जैसी घटनाएं शामिल हैं।
कई बार प्रभावित छात्रों के लिए परीक्षा दोबारा भी आयोजित करनी पड़ी है, जिससे परीक्षा प्रणाली की स्थिरता पर सवाल उठते रहे हैं।
परीक्षा का उद्देश्य
CUET-UG का उद्देश्य देशभर के केंद्रीय, राज्य और कुछ निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रवेश के लिए एक समान और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाना है। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित की जाती है और इसमें भाषा, विषय-ज्ञान और सामान्य योग्यता का आकलन किया जाता है।
इस घटना के बाद एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था की तकनीकी तैयारी और संचालन क्षमता को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्तर की परीक्षाओं के लिए तकनीकी ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।