नई दिल्ली : ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट का एशियाई खेल 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना फिलहाल अधूरा रह गया। शनिवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित महिला 53 किलोग्राम वर्ग के चयन ट्रायल्स के सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ ही एशियाई खेलों में जगह बनाने की उनकी उम्मीदें समाप्त हो गईं।
ट्रायल्स के शुरुआती मुकाबलों में विनेश फोगाट ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था और उनके खेल ने उम्मीदें भी जगाई थीं, लेकिन सेमीफाइनल में मीनाक्षी के खिलाफ 4-6 से मिली हार उनके अभियान का अंत साबित हुई।
हरियाणा की पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने ट्रायल्स के पहले दौर में ज्योति को 7-1 के एकतरफा अंतर से हराया था। इसके बाद उन्होंने दूसरे मुकाबले में निशु को पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। हालांकि अंतिम चार के मुकाबले में वह जीत दर्ज नहीं कर सकीं।
इससे पहले शनिवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की थी कि विनेश फोगाट एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल्स में 53 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेंगी।
विनेश फोगाट का वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया था और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ड्रॉ में शामिल किया गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अदिति चौहान और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के एम.एम. सोमैया चयन ट्रायल्स के दौरान पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह भी ट्रायल्स के दौरान स्टेडियम में उपस्थित थे।
उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया था कि चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ट्रायल्स की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए और भारतीय खेल प्राधिकरण तथा भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा नियुक्त स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में प्रक्रिया संचालित की जाए।
ये निर्देश मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने जारी किए थे। खंडपीठ विनेश फोगाट द्वारा एकल न्यायाधीश की अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।
काफी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद चयन ट्रायल्स में उतरने का मौका पाने वाली विनेश फोगाट ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सेमीफाइनल में मिली हार के कारण एशियाई खेल 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने का उनका सपना फिलहाल पूरा नहीं हो सका।