स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य से बंगाल में आज (30 मई) से शुरू हुआ 'स्वच्छ ऐप'। महज एक ऐप के माध्यम से नगर निगम क्षेत्र में कचरा और गंदगी की सफाई करवाई जा सकेगी। इसके लिए 'जिओ टैगिंग' तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
शनिवार (30 मई) को केंद्रीय आवास और नगर विषयक व विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थिति में कोलकाता में इस ऐप का उद्घाटन हुआ।
मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक तौर पर इस ऐप को 10 नगर निगम क्षेत्रों में शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बाद में धीरे-धीरे दूसरे नगर निगमों में भी इस ऐप को शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गांवों में बिजली का बोझ घटाने के लिए विशेष पहल की भी घोषणा की।
जिन 10 नगर निगमों में 'स्वच्छ ऐप' शुरू -
प्राथमिक तौर पर जिन 10 नगर पालिका/निगम क्षेत्रों में 'स्वच्छ ऐप' को शुरू किया जा रहा है उनमें शामिल हैं :-
- आसनसोल नगर पालिका
- दुर्गापुर नगर पालिका
- बसीरहाट नगर पालिका
- पुजाली नगर पालिका
- तूफानगंज नगर पालिका
- कोंटाई नगर पालिका
- वैद्यबाटी नगर पालिका
- कृष्णनगर नगर पालिका
- नलहाटी नगर पालिका
- मध्यमग्राम नगर पालिका
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया 'स्वच्छ ऐप' का उद्घाटन :-
Launch of Swachha App today by Hon’ble Union Minister Shri Manohar Lal Ji - Ministry of Power and MoHUA and Hon’ble Chief Minister of West Bengal Sri Suvendu Adhikari ji pic.twitter.com/FrPJRfRhiD
— Agnimitra Paul BJP (@paulagnimitra1) May 30, 2026
भविष्य में अन्य सभी नगर पालिका क्षेत्रों में इस ऐप को शुरू किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आश्वस्त करते हैं कि हमारे जो 120 से अधिक ULB (अर्बन लोकल बॉडी यानी नगर निकाय) हैं, धीरे-धीरे सभी जगहों पर इस ऐप को शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
शुरू होगी सिटी मेट्रो सर्विस
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने बताया जिन शहरों में 25 से 30 लाख की जनसंख्या होगी वहां सिटी मेट्रो सर्विस को शुरू करने का प्रस्ताव आया है। राज्य के निगम और नगरोन्नयन विभाग से इस बारे में प्राथमिक प्रस्ताव केंद्र को भेजने का निर्देश दिया गया है। प्लानिंग, मैपिंग समेत डीपीआर का भी निर्देश दिया गया है।
नगर निगम इलाकों के विकास को लेकर हुई चर्चाएं
राज्य के सभी निकाय क्षेत्रों के विकास के संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से करीब डेढ़ घंटे तक बैठक की। बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल देश की सांस्कृतिक राजधानी है।
इसी बंगाल के विकास के लिए काफी काम करना होगा। केंद्रीय मंत्रालय के साथ मिलकर जो काम करना होगा, वह करेंगे। बंगाल के विभिन्न छोटे-छोटे नगर निकायों के विकास के लिए 'अर्बन चैलेंज फंड' की सहायता का मुख्यमंत्री ने आवेदन किया।
विद्युापूर्ति को लेकर बड़ा फैसला
केंद्रीय विद्युत मंत्री की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने और बिजली बिलों का बोझ कम करने के लिए बड़े कदमों की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि बंगाल की लगभग आधी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है। लोगों पर बिजली बिल का काफी बोझ पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, मजदूरों और आदिवासी इलाकों के लोगों के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना को लागू करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की एक टीम को दिल्ली भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना को सफल बनाने के लिए डीवीसी (दामोदर वैली कॉर्पोरेशन) और सिंचाई विभाग मिलकर काम करेंगे।