मानसून की शुरुआत के साथ ही देश के लगभग सभी राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती है। इसका दो प्रमुख कारण होता है। एक - बारिश की वजह से जंगल के कच्चे रास्तों पर कीचड़ में गाड़ियों के फंसने का खतरा पैदा हो जाता है।
और दूसरा, मानसून और बारिश का मौसम वन्य जीवों का प्रजनन काल होता है। उनकी प्रजनन प्रक्रिया में पर्यटकों की वजह से बाधा पड़ने अथवा इस प्रक्रिया में बाधा मिलने की वजह से वन्य जीवों के उत्तेजित होकर हमला करने का खतरा भी बढ़ जाता है।
इसका मतलब है कि बारिश के मौसम में जंगल की हरियाली और खूबसूरती को देखने से चुक जाएंगे? जी नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है।
बारिश के मौसम में कुछ जंगल ऐसे हैं जहां आप जंगल सफारी के लिए जा सकते हैं। आइए जान लेते हैं कौन-कौन?
1. पेंच नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र
रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध ‘द जंगल बुक’ का प्रेरणा स्थल। मानसून के दौरान भी कुछ निर्धारित बफर जोन को सफारी के लिए खुला रखा जाता है। टुरिया और खवासा जोन विशेष रूप से मानसून के मौसम में जंगल सफारी के लिए लोकप्रिय हैं। मानसून के समय यहां बाघ, तेंदुआ, जंगली सूअर, सिवेट कैट और सांभर हिरण जैसे वन्यजीव दिख सकते हैं। अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो यह नेशनल पार्क बिल्कुल आदर्श जगह है।
2. सतपुड़ा नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश
अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांत जंगल का अनुभव करना चाहते हैं तो उनके लिए सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान एक सही विकल्प है। मानसून के दौरान मधाई बफर जोन आमतौर पर खुला रहता है। यहां आमतौर पर स्लॉथ भालू, मगरमच्छ, विशाल गिलहरी, हॉर्नबिल और किस्मत अच्छी हुई तो बाघ भी देख सकते हैं।
Image : Ei Samay
3. ताडोबा अंधेरी टाइगर रिजर्व, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित यह टाइगर रिज़र्व मानसून के दौरान भी सफारी के लिए बेहतरीन जगहों में से एक है। जुलाई महीने में नवेगांव, मोहर्ली और कोलारा सहित कुछ पर्यटन जोन खुले रहते हैं। अगर आपकी किस्मत ने साथ दिया तो यहां रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, स्लॉथ भालू, जंगली कुत्ते और गौर जैसे वन्यजीव दिख सकते हैं।
4. दुधवा नेशनल पार्क, उत्तर प्रदेश
भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित दुधवा राष्ट्रीय उद्यान में मानसून के दौरान पर्यटन गतिविधियों को सीमित कर दिया जाता है। विशेष रूप से किशनपुर बफर क्षेत्र में सफारी की सुविधा उपलब्ध रहती है। यह नेशनल पार्क बाघ से अधिक बर्डवॉचिंग के लिए प्रसिद्ध है। यहां आप बाघ, हाथी, बारासिंघा और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के देख सकेंगे।
5. नागरहोल नेशनल पार्क, कर्नाटक
नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा यह अभयारण्य मानसून के दौरान भी काबिनी और नांची गेट के आसपास के कुछ क्षेत्रों में खुला रहता है। इस रिजर्व में हाथी, तेंदुआ, बाघ और दुर्लभ ब्लैक पैंथर देखने की संभावना रहती है।