लॉस एंजिलिस : ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के अनुसार, ईरान फुटबॉल महासंघ ने पुष्टि की है कि टीम को मैच से दो दिन पहले मेजबान शहर लॉस एंजिलिस जाने की अनुमति नहीं मिली। महासंघ अब इस फैसले के खिलाफ फीफा के सामने आधिकारिक माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा।
ईरान की टीम फिलहाल मैक्सिको के तिजुआना में अपना ठिकाना बनाए हुए है। टीम अपने ग्रुप चरण के तीनों मुकाबलों के लिए सीमा से यात्रा कर रही है। इनमें से शुरुआती दो मैच लॉस एंजिलिस में और तीसरा मुकाबला सिएटल में खेला जाना है।
ईरान ने विश्व कप अभियान की शुरुआत लॉस एंजिलिस स्थित सोफी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ के साथ की थी। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीमों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी।
मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बढ़त बनाई थी। एलिजाह के गोल के बाद ईरान के रैमिन रेजाईयान ने ब्रेक से पहले स्कोर बराबर कर दिया। दूसरे हाफ में क्रिस वुड के पास से जस्ट ने अपना दूसरा गोल करते हुए न्यूजीलैंड को फिर आगे कर दिया, लेकिन ईरान ने हार नहीं मानी। मोहम्मद मोहेब्बी ने हेडर के जरिए गोल कर टीम को बराबरी दिला दी और मुकाबला 2-2 पर खत्म हुआ।
ईरान इस टूर्नामेंट में अमेरिका और इजरायल से जुड़े भू-राजनीतिक तनावों के बीच पहुंचा है। टूर्नामेंट से पहले टीम ने अपना विश्व कप बेस कैंप एरिजोना से बदलकर तिजुआना कर दिया था। इसकी वजह अमेरिका में यात्रा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर बनी अनिश्चितता बताई गई थी।
टूर्नामेंट से पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के वीजा को लेकर भी कई हफ्तों तक चिंता बनी हुई थी। इसी कारण टीम प्रबंधन ने अपनी तैयारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की।
अब ईरान का सामना ग्रुप जी के अपने दूसरे मुकाबले में रविवार को बेल्जियम से होगा। यह मैच इंग्लवुड स्थित लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेला जाएगा। बेल्जियम ने भी अपने पहले मुकाबले में मिस्र के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था।
ग्रुप जी में शुरुआती दौर के मुकाबलों के बाद ईरान, न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र सभी के खाते में एक-एक अंक हैं। गोल अंतर के आधार पर न्यूजीलैंड फिलहाल ग्रुप में शीर्ष पर है।