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हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर 21 जुलाई की सभा करने का आरोप, ममता-अभिषेक को कोर्ट का नोटिस

साल 2018 में ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि किसी भी सरकारी स्थान को घेरकर सभा, रैली या जुलूस करने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद...

By Debdeep Chakraborty, Moumita Bhattacharya

Jun 19, 2026 16:41 IST

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से ही तृणमूल में लगातार फूट जारी है। इस बीच तृणमूल और भी मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। 21 जुलाई की रैली को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजने का निर्देश दिया है।

साल 2018 में ही कलकत्ता हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि किसी भी सरकारी स्थान को घेरकर सभा, रैली या जुलूस करने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद हर साल 21 जुलाई को धर्मतल्ला में सड़क घेरकर तृणमूल का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए सभा आयोजित किए जाने के कारण अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया गया। इस मामले में न्यायाधीश अरिजीत बंद्योपाध्याय की डिवीजन बेंच ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

इस मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।

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बता दें, 21 जुलाई 1993 को कोलकाता में राइटर्स बिल्डिंग अभियान के दौरान पुलिस की गोलीबारी में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौत हो गई थी। इसी घटना के विरोध में तृणमूल कांग्रेस इस दिन को ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाती है।

कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद दोनों पार्टियां इस दिन को अलग-अलग तरीके से मनाने लगे। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद धर्मतला में विक्टोरिया हाउस के सामने सड़क पर ही तृणमूल का 21 जुलाई का मुख्य कार्यक्रम आयोजित होने लगा।

साल 2011 के बाद से इस सभा का आकार लगातार बढ़ता रहा है। इस रैली के आयोजन के खिलाफ कोर्ट में मामला दायर किया गया था। कोलकाता हाई कोर्ट के न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य और न्यायधीश अरिजीत बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया था कि किसी भी राजनीतिक दल की सभा के लिए बड़ी सड़कों को बंद नहीं किया जा सकता।

आरोप है कि इसके बावजूद कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए 21 जुलाई 2025 को इसी स्थान पर फिर से सभा आयोजित की गई।

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