तेहरान : पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव और समुद्री संघर्ष के बीच एक बड़ा कूटनीतिक बदलाव सामने आया है। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए प्रारंभिक शांति समझौते के बाद ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए समुद्री अवरोध को अमेरिका ने हटा लिया है। इस कदम को क्षेत्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिकी सैन्य बलों ने पुष्टि की है कि उन्होंने गुरुवार को ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए समांतर नौसैनिक अवरोध को समाप्त कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिकी युद्धपोत अब भी संबंधित क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए रखेंगे और स्थिति पर नजर रखेंगे।
इस घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जानकारी दी है कि अमेरिकी सैन्य बलों ने इस समुद्री मार्ग से कम से कम 12 जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह इस सप्ताह ईरान के साथ तकनीकी वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड जाने की योजना बना रहे है, हालांकि परिस्थितियों के अनुसार यह कार्यक्रम बदल भी सकता है।
इस बीच समुद्री यातायात की निगरानी करने वाली एजेंसियों ने बताया है कि गुरुवार को तीन सऊदी तेल टैंकर इस जलमार्ग से गुजरकर खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकल गए। इसी दौरान तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) से भरा जहाज मराइख संघर्ष शुरू होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाला पहला फ्रांसीसी जहाज बन गया।
वहीं दूसरी ओर पश्चिम एशिया में फरवरी महीने में शुरू हुए संघर्ष के दौरान ईरान और अमेरिका तथा इज़राइल के बीच तनाव काफी बढ़ गया था, जिसके बाद ईरान ने हॉर्मुज़़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर समुद्री नाकेबंदी लागू की थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच गुरुवार को अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक समझौते (मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल माक्रों के साथ रात्रिभोज के दौरान दस्तावेज पर पहला हस्ताक्षर किया। इसके बाद समझौते की प्रति ईरानी पक्ष को भेजी गई, जिस पर बाद में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी हस्ताक्षर किए।
चर्चा के बाद यह तय किया गया है कि दोनों देश आगे वार्ता जारी रखेंगे और अगले 60 दिनों के भीतर एक स्थायी समझौते का मसौदा तैयार करने की कोशिश करेंगे। हालांकि इन वार्ताओं को लेकर अभी भी कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पुष्टि की है कि समझौते के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही अब सामान्य हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि समुद्री मार्गों पर स्थिति धीरे-धीरे स्थिर हो रही है, हालांकि पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने का निर्णय क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वही ईरान की समाचार एजेंसी तसनीम ने बताया है कि स्विट्जरलैंड में होने वाली आगामी वार्ता में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी अभी अनिश्चित बनी हुई है।