रातभर हुई बारिश की वजह से पहाड़ी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के कई स्थानों पर भूस्खलन की खबरें सामने आ रही हैं। सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग तथा सिलीगुड़ी से मिरिक जाने वाले रास्तों पर यातायात पूरी तरह बाधित हुई है।
दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पर्यटकों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
इसके साथ ही पर्यटकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं।
पर्यटकों के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर हैं -
📞 1800-2121-655 (Toll-Free)
📞 0353-2513986
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पर्यटन विभाग ने उत्तर बंगाल और सिक्किम में पर्यटकों की मदद के लिए कंट्रोल रूम खोला है। कहा गया है कि अगर बहुत आवश्यक न हो तो सड़क मार्ग से आवाजाही न की जाए।
#WATCH | Darjeeling, West Bengal: The temporary hume pipe bridge at Dudhia on Balasan River, which connects Siliguri and Mirik, washed away due to heavy rain last night. pic.twitter.com/eerJQyg5JP
” ANI (@ANI) June 19, 2026
बता दें, मौसम विभाग के पूर्वानुमान को सही साबित करते हुए गुरुवार (18 जून) की शाम से ही उत्तर बंगाल में भारी बारिश शुरू हो गयी है। समाचार लिखे जाने तक मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार (19 जून) की सुबह तक पहाड़ व आसपास के समतल इलाकों में कुल मिलाकर करीब 200 मिलीमीटर बारिश हुई है।
भारी बारिश की वजह से बालासन नदी में तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। पानी के तेज बहाव की वजह से कार्शियांग में दुधिया सेतु भी ध्वस्त हो गया है। इसके अलावा खारसांग से सिलीगुड़ी की ओर जाने वाली 3 लेन की सड़क का एक बड़ा हिस्सा भी धंस गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बारिश की मात्रा बढ़ सकती है। खास तौर पर 20 जून को लेकर चेतावनी जारी की गयी है। बताया जाता है कि बंगाल की खाड़ी से बड़ी संख्या में जलवाष्प प्रवेश कर रहा है जिस वजह से लगातार बारिश हो रही है।