तृणमूल के गठन के समय से ही ज्योतिप्रिय मल्लिक पार्टी का हिस्सा रहे हैं। लेकिन अचानक उन्होंने पार्टी में सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है। शुक्रवार (19 जून) को उन्होंने त्यागपत्र देने की बात कही। हालांकि इसकी वजह राजनीतिक नहीं बल्कि शारीरिक अस्वस्थता बतायी जाती है।
ज्योतिप्रिय मल्लिक उर्फ बालू ने कहा कि शारीरिक रूप से अस्वस्थ होने की वजह से ही उन्होंने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
गौरतलब है कि गत शनिवार (13 जून) को ज्योतिप्रिय मल्लिक को राष्ट्रीय कमेटी का सदस्य बनाया गया था। लेकिन आज (19 जून) को उन्होंने उस पद से भी इस्तीफा दे दिया। अपने बयान में ज्योतिप्रिय मल्लिक ने कहा कि मेरा ब्लड सुगर 350 से ऊपर है। किडनी खराब हो गयी है। ऐसी स्थिति में पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में मैं अब शामिल नहीं रह पाऊंगा। इसलिए सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
गौरतलब है कि वर्ष 1998 में जब तृणमूल कांग्रेस की स्थापना हुई थी तब पार्टी के एक महत्वपूर्ण सदस्य के तौर पर वह उभरे थे। साल 2011 में जब तृणमूल सत्ता में आयी तो ज्योतिप्रिय मल्लिक पहले विधायक और बाद में मंत्रिमंडल में भी शामिल हुए।
खाद्य विभाग के मंत्री रहते हुए राशन घोटाले में उनका नाम सामने आया था जिसमें उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। हालांकि घोटाले का आरोप रहने के बावजूद उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गयी थी। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उनपर भरोसा जताते हुए कहा भी था कि ज्योतिप्रिय मल्लिक को 'फंसाया' गया है। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से पार्टी के सभी क्रियाकलापों में शामिल हो गए थे।
विधानसभा चुनाव 2026 में हाबड़ा सीट से तृणमूल ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारा था लेकिन वह चुनाव हार गए।