नई दिल्ली : केंद्र सरकार द्वारा मई के मध्य में सोने पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद देश में सोने के आयात में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के अनुसार मई में सोने का आयात 39 प्रतिशत घटकर 3.4 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया हालांकि यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक 13 मई को सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आयात शुल्क में 9 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी की थी। डब्ल्यूजीसी का अनुमान है कि मई में सोने का आयात 25 से 30 टन के बीच रहा, जो अप्रैल के 46 टन और पिछले दो वर्षों के औसत 59 टन से काफी कम है। कुल वस्तु आयात में सोने की हिस्सेदारी भी घटकर 5 प्रतिशत रह गई, जबकि जनवरी-फरवरी में यह 14 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अप्रैल 2025 के बाद पहली बार घरेलू गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) से मासिक शुद्ध निकासी हुई। मई में गोल्ड ईटीएफ से 7.25 अरब रुपये की निकासी दर्ज की गई, जबकि सकल रिडेम्प्शन बढ़कर रिकॉर्ड 33.30 अरब रुपये तक पहुंच गया। शुल्क वृद्धि के बाद घरेलू सोने की कीमतों में लगभग 6 प्रतिशत की तेजी आने से कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके कारण 1,34,343 सक्रिय निवेशक खाते बंद हो गए।
निकासी के बावजूद गोल्ड ईटीएफ की कुल होल्डिंग 116.5 टन पर स्थिर रही और कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 1,846 अरब रुपये रहीं। मार्च 2026 के एएमएफआई आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड ईटीएफ के कुल एयूएम का 58 प्रतिशत कॉरपोरेट, 31 प्रतिशत उच्च संपत्ति वाले निवेशकों और 11 प्रतिशत खुदरा निवेशकों के पास है।
डब्ल्यूजीसी ने बताया कि कई फंड हाउसों ने निवेश की अस्थायी सीमा भी तय की है। प्रत्यक्ष गोल्ड ईटीएफ निवेश 25 करोड़ रुपये और गोल्ड ईटीएफ फंड-ऑफ-फंड्स में एकमुश्त निवेश 10 लाख रुपये प्रति पैन प्रति माह तक सीमित किया गया है।
हालांकि जून की शुरुआत में स्थिति में सुधार देखने को मिला। 1 से 11 जून के बीच गोल्ड ईटीएफ में 16.31 अरब रुपये का शुद्ध निवेश आया जिससे संकेत मिलता है कि नियामकीय बदलावों और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा सोने में बना हुआ है।