अमरावती : आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित कृष्णालंका पुलिस थाने से जुड़े कथित हिरासत में मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला स्थानीय हिस्ट्रीशीटर गाडे साई कृष्णा के रहस्यमय ढंग से लापता होने और कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत के आरोपों से जुड़ा है, जिसने पहले व्यापक जनाक्रोश को जन्म दिया था।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार मामला 19 जून को कृष्णालंका पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(2), 127(6) और 103(1) के तहत तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 238 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
यह शिकायत मृतक साई कृष्णा की मां गाडे विजया लक्ष्मी ने दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके पुत्र को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद वह लापता हो गया। इस घटना के बाद हिरासत में प्रताड़ना और मौत के आरोप सामने आए।
शिकायत के अनुसार कथित घटना 9 मई से लेकर रात दो बजे तक की अवधि के दौरान एनटीआर जिले के विजयवाड़ा शहर स्थित कृष्णालंका पुलिस स्टेशन में हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि हिरासत में लिए जाने के बाद उनके पुत्र का कोई पता नहीं चला।
एफआईआर में पूर्व सर्किल इंस्पेक्टर नागराजू को आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। इससे पहले मामले को लेकर जनता के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली थी। इसके बाद उच्चस्तरीय सरकारी आदेश जारी किए गए थे और नागराजू को पुलिस सेवा से निलंबित कर दिया गया था।
मामले में प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए विजयवाड़ा पुलिस आयुक्त राजशेखर बाबू ने नागराजू का तबादला रिक्त रिजर्व (वीआर) में कर दिया था। साथ ही मुरलीकृष्णा को नया इंस्पेक्टर नियुक्त किया गया था।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और आने वाले समय में इस मामले में और जानकारियां सामने आ सकती हैं।