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अमेरिका-ईरान समझौते पर विवाद, मोजतबा खामेनेई ने ट्रंप पर लगाए आरोप

जी-7 समिट के बाद अमेरिका-ईरान डील पर बढ़ा तनाव, ईरान ने दी चेतावनी

तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए प्रारंभिक समझौते को लेकर ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के लिए अमेरिका ने हर संभव दबाव की रणनीति अपनाई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस प्रक्रिया को लेकर ‘हताश’ स्थिति में थे।

मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिका ने समझौते को अंतिम रूप देने के लिए ‘अत्यधिक दबाव की रणनीति’ अपनाई और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रकार के प्रभाव का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप इस समझौते को लेकर पूरी तरह ‘मजबूर और हताश’ नजर आए।

यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक समझौता (मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए गए थे। बताया गया है कि फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल माक्रों के साथ रात्रिभोज के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दस्तावेज पर पहला हस्ताक्षर किया था, जिसके बाद समझौते की प्रति ईरानी पक्ष को भेजी गई और बाद में ईरान के राष्ट्रपति ने भी उस पर हस्ताक्षर किए।

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता ने दावा किया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच टकराव समाप्त करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि वह शुरुआत में इस समझौते के पक्ष में नहीं थे और ‘सैद्धांतिक कारणों’ से उन्होंने इसका विरोध किया था। हालांकि बाद में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों से देश और ‘रेजिस्टेंस फ्रंट’ के हितों की सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने इसे मंजूरी दी।

मोजतबा खामेनेई ने यह भी दावा किया कि संबंधित अधिकारियों ने शुरुआत से ही ईमानदारी और सद्भावना के साथ व्यापक प्रयास किए। उन्होंने कहा कि समझौते को आगे बढ़ाने में अमेरिकी राष्ट्रपति ने अत्यधिक दबाव की नीति अपनाई।

इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समझौते की सीमाओं से आगे जाकर अतिरिक्त दबाव डाला गया, तो ईरान किसी भी स्थिति में उसे स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका की ओर से कोई अतिरिक्त मांग की जाती है, तो ईरान उसे मानने से इनकार कर देगा।

मोजतबा खामेनेई ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें घोषित शर्तों के क्रियान्वयन की प्रतीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य गतिविधियाँ अब फिर से बहाल हो चुकी हैं।

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