अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कहा कि एक 'शांतिप्रिय देश' के तौर पर भारत को इस शांति समझौते का समर्थन करना चाहिए। यह देश और दुनिया दोनों के लिए ही लाभदायक साबित होगा।
इस शांति समझौते के महत्व के बारे में बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह प्रस्ताव संघर्ष के कारण रुकी हुई आवश्यक आपूर्ति को फिर से शुरू करने का रास्ता खोलेगा।
शुक्रवार (19 जून) को मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि एशिया और दक्षिण कोरिया में भी कई फैक्ट्रियां बंद होने के कगार पर पहुंच गयी थी। भारत में भी ऐसे हालात पैदा होने की संभावनाएं पैदा होने वाली थी।
ऐसे हालातों में अगर कोई समाधान निकलता है और शांति स्थापित होती है तो यह देश और दुनिया, सभी के लिए अच्छा होता है। उन्होंने भारत के लिए आर्थिक लाभों, खासतौर पर आवश्यक वस्तुओं के आयात पर अधिक जोर दिया।
Read Also | जम्मू-कश्मीर में आतंक नेटवर्क पर शिकंजा, एनआईए ने यूएपीए के तहत संपत्ति जब्त की
उनका यह बयान ऐसे समय में आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच की दुश्मनी को खत्म करते हुए एक MoU पर वर्चुअली हस्ताक्षर किया है, जिसमें 14 मुद्दों को शामिल किया गया है।
इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया को शुरू करने के बारे में कहा गया है जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर अंतिम समझौते के बारे में भी विचार किया जाएगा।
#WATCH | Delhi | On the US-Iran peace deal, Congress MP Shashi Tharoor says, The point is we have had a lot of experience in our country. In Asia, even in South Korea, factories were closing down. So, in this situation, when a solution comes, peace comes; it's good for everyone, pic.twitter.com/Fw2cpkGaNW
— ANI (@ANI) June 19, 2026
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से CNN की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (17 जून) को पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के दौरान व्यक्तिगत रूप से इस MoU हस्ताक्षर किया। इस पर ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के हस्ताक्षर के तुरंत बाद इस समझौते को लागू कर दिया गया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया के सामने दिए अपने बयान में कहा कि हमें उम्मीद है कि इसके बाद हमारा तेल और गैस, उर्वरक और एल्युमिनियम की आपूर्ति फिर से आ सकेंगी जो संघर्ष जैसे हालातों की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से अटक गया था।
थरूर ने आगे कहा कि जब हालात सामान्य होने लगेंगे तो मुझे लगता है देश और पूरी दुनिया को इसका लाभ मिलेगा। वैश्विक स्थिरता पर भारत के रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मेरे विचार में हम एक शांति-प्रिय देश हैं और हमें निश्चित रूप से इसका समर्थन करना चाहिए।