मुंबईः लगातार पांच कारोबारी सत्रों की जोरदार बढ़त के बाद शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में मुनाफावसूली और आईटी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी एक्सेंचर द्वारा पूरे वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व वृद्धि अनुमान घटाने और अमेरिका-ईरान वार्ता टलने से पैदा हुई नई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसके चलते बीएसई सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और एनएसई निफ्टी 154.90 अंक फिसलकर 24,013.10 पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 940.26 अंक तक गिरकर 76,469.72 के स्तर पर पहुंच गया था। इससे पहले पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 3,577.43 अंक और निफ्टी 1,006.40 अंक की मजबूत बढ़त दर्ज कर चुके थे।
आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव
बाजार की गिरावट में आईटी कंपनियों की प्रमुख भूमिका रही। बीएसई आईटी सूचकांक 3.57 प्रतिशत लुढ़क गया। प्रमुख आईटी शेयरों में इंफोसिस 6.69 प्रतिशत टूटकर सबसे बड़ा नुकसान झेलने वाला शेयर रहा। इसके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 3.53 प्रतिशत, एचसीएल टेक 2.74 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 2.45 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए।
एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। दूसरी ओर इटरनल, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड और एनटीपीसी ने बढ़त दर्ज की।
अमेरिका-ईरान वार्ता टलने से बढ़ी चिंता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में ईरानी प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी। व्हाइट हाउस ने इसके पीछे लॉजिस्टिक कारण बताए हैं। दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप देने के लिए यह बैठक शुक्रवार को प्रस्तावित थी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ाई है और निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने के लिए मजबूर किया है।
विशेषज्ञों ने बताई गिरावट की वजह
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा कि पांच दिन की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। एक्सेंचर के सतर्क दृष्टिकोण और अमेरिका-ईरान वार्ता टलने से बाजार की धारणा कमजोर हुई।
रिलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के अनुसंधान विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा के अनुसार, एक्सेंचर के कमजोर आउटलुक ने आईटी सेक्टर में मांग सुधार की उम्मीदों को झटका दिया। इससे भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों की भविष्य की आय को लेकर चिंता बढ़ी। हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मिश्रित वैश्विक संकेतों ने भी दबाव बढ़ाया।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की तैयारी
शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया कि उसकी डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी कर प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल करने को मंजूरी दे दी है।
रिलायंस की 49वीं वार्षिक आम बैठक में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) शुक्रवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दाखिल किया जाएगा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 1,025.20 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। इसका असर भी बाजार की धारणा पर दिखाई दिया। आईटी के अलावा फोकस्ड आईटी इंडेक्स 2.81 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस 1.21 प्रतिशत, एनर्जी 1 प्रतिशत, रियल्टी 0.94 प्रतिशत और पीएसयू बैंक 0.61 प्रतिशत नीचे रहे।
वहीं टेलीकम्युनिकेशन 1.59 प्रतिशत, पावर 1.02 प्रतिशत, इंडस्ट्रियल्स 0.83 प्रतिशत, हेल्थकेयर 0.76 प्रतिशत और यूटिलिटीज 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 0.62 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 0.42 प्रतिशत चढ़ा।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई-225 बढ़त में रहा। अवकाश के कारण शंघाई और हांगकांग के बाजार बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में अधिकांश सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि अमेरिकी बाजार गुरुवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।
इस बीच वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.58 प्रतिशत गिरकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
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