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कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक संकेतों से बाजार में उछाल, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

तेल कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेश और ग्लोबल पॉजिटिव संकेतों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

By श्वेता सिंह

Jun 22, 2026 16:44 IST

मुंबई: सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत वापसी की। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने निवेशकों की धारणा को मजबूती दी, जिसका असर घरेलू सूचकांकों पर साफ दिखाई दिया।

दिन के कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 291.17 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,094.07 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 522.66 अंक तक उछलकर 77,325.56 के स्तर पर भी पहुंचा। वहीं NSE निफ्टी 50 भी 89.80 अंक यानी 0.37 प्रतिशत चढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

कच्चे तेल की गिरावट से बाजार को सहारा

वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.66 प्रतिशत घटकर 79.23 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। तेल कीमतों में इस नरमी ने महंगाई के दबाव को लेकर चिंताओं को कुछ हद तक कम किया, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में कूटनीतिक प्रगति की उम्मीदों ने भी वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला।

विदेशी निवेश और दिग्गज शेयरों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की मजबूत खरीदारी ने बाजार की तेजी को और बल दिया। शुक्रवार को एफआईआई ने 4,859.07 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े और प्रभावशाली शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा आईटी, फार्मा और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

किन शेयरों में बढ़त और किन्हें झटका लगा?

सेंसेक्स के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और बजाज फिनसर्व शामिल रहे।

वहीं दूसरी ओर एशियन पेंट्स, टाइटन, पावर ग्रिड और ट्रेंट जैसे दिग्गज शेयर दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए।

वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स कमजोरी में रहा।

यूरोपीय बाजारों में ज्यादातर सूचकांक दबाव में दिखे। वहीं अमेरिकी बाजार जूनीटींथ अवकाश के कारण बंद रहे, जिससे वैश्विक ट्रेडिंग वॉल्यूम सीमित रहा।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान वार्ता में सकारात्मक संकेतों और सेक्टोरल मजबूती के चलते निवेशकों का रुझान बेहतर हुआ है। यूटिलिटी, बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर ने बाजार को सपोर्ट दिया, हालांकि निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

शुक्रवार को बाजार में गिरावट देखी गई थी, जहां BSE सेंसेक्स 607.08 अंक गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ था और NSE Nifty 50 154.90 अंक टूटकर 24,013.10 पर बंद हुआ था। उस गिरावट के बाद सोमवार को आई यह तेजी बाजार में रिकवरी का संकेत मानी जा रही है।

(समाचार एई समय कहीं भी निवेश करने की सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार या किसी भी निवेश में जोखिम होता है। निवेश से पहले पूरी जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)

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