नई दिल्ली : नई दिल्ली में सोमवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात में राज्य में प्रस्तावित रक्षा और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देने तथा भूमि हस्तांतरण सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान सबसे अधिक प्राथमिकता उन परियोजनाओं को दी गई, जिनमें रक्षा मंत्रालय से जुड़े भूमि हस्तांतरण और अधोसंरचना विकास शामिल हैं। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विशेष रूप से गांधी सरोवर परियोजना के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा भूमि हस्तांतरण में सहयोग प्रदान करने पर केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने देवराकद्रा (महबूबनगर जिला) के पास प्रस्तावित डीआरडीओ/डीआरडीएल परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध भी किया। यह परियोजना राज्य के रणनीतिक और तकनीकी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इसके साथ ही बैठक में आदिलाबाद हवाई अड्डे के विस्तार को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके माध्यम से भारतीय वायु सेना के बेस के विस्तार की योजना को भी समर्थन मिलेगा। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और उपयोगिता स्थानांतरण में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दोहराया।
आदिलाबाद हवाई अड्डे के बड़े स्तर पर विस्तार को देखते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने वहां नागरिक विमानन टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं, एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) सेवाएं और विमान हैंगर जैसी व्यापक अवसंरचना विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से समर्थन मांगा।
हाल के पश्चिम एशिया क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक हालातों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि आदिलाबाद हवाई अड्डा वैश्विक स्तर की एयरलाइनों के लिए अपने हैंगर संचालन स्थापित करने का एक उपयुक्त केंद्र बन सकता है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय विमानन गतिविधियों के लिए एक संभावित हब के रूप में विकसित करने की बात भी रखी।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और उपयोगिता सेवाओं के स्थानांतरण में पूरी तरह सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि रक्षा और विमानन क्षेत्र से जुड़े ये महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट समय पर आगे बढ़ सकें।