चंडीगढ़ : हरियाणा पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) द्वारा विकसित आपराधिक प्रक्रिया पहचान प्रणाली (CrPIS) को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेणी का सर्वश्रेष्ठ मॉडल घोषित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली में 19 जून को आयोजित 26वीं अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट निदेशक सम्मेलन में प्रदान किया गया।
सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जहां उन्होंने इस नई डिजिटल प्रणाली का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में देशभर से आए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों और फॉरेंसिक वैज्ञानिकों ने हरियाणा की इस तकनीकी पहल की सराहना की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने हरियाणा राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) को CrPIS के सफल विकास और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए ‘उत्कृष्टता प्रमाणपत्र’ प्रदान किया। एनसीआरबी के महानिदेशक द्वारा यह सम्मान दिया गया, जिसे एससीआरबी मुख्यालय पंचकूला में तैनात निरीक्षक कर्नल सिंह ने हरियाणा पुलिस की ओर से ग्रहण किया।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य सरकार के सतत प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व में हरियाणा सरकार सुशासन, डिजिटल नवाचार और तकनीक आधारित कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में स्मार्ट पुलिसिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कारण हरियाणा पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।”
डीजीपी अजय सिंघल ने आगे कहा कि CrPIS को मिली यह मान्यता हरियाणा पुलिस की तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली अपराधियों की सटीक पहचान, रिकॉर्ड प्रबंधन और प्रभावी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने एससीआरबी की पूरी टीम, विशेष रूप से पुलिस अधीक्षक नितिका गेहलोत को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस की पेशेवर दक्षता, नवाचार और तकनीक आधारित कार्य संस्कृति का परिणाम है।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा पुलिस भविष्य में भी तकनीकी नवाचार को अपनाती रहेगी, जिससे कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी तथा नागरिक सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ होगी।