अलप्पुझा : केरल के अलप्पुझा में आयोजित नवभारत सदस्स को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने राज्य सरकार पर केंद्र की कल्याणकारी और विकास योजनाओं के सही तरीके से लागू नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केरल सरकार के रवैये के कारण कई ऐसी योजनाएं आम लोगों तक उस रूप में नहीं पहुंच सकीं, जिस उद्देश्य से उन्हें शुरू किया गया था।
केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि केरल में इसके लागू नहीं होने से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े उन लाभों से वंचित रहना पड़ा, जिनसे उनकी चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच बेहतर हो सकती थी।
AIIMS को लेकर भी उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने केरल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना में हो रही देरी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में केरल सरकार AIIMS के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा सकी।
उन्होंने कहा कि अब तक केवल कोझिकोड को संभावित स्थान के रूप में सुझाया गया है। सुरेश गोपी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से चार अन्य स्थानों के नाम लिखित रूप में देने का आग्रह किया था, लेकिन इस पर कोई पहल नहीं हुई।
समान नागरिक संहिता पर बोले सुरेश गोपी
समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर भी सुरेश गोपी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून का विरोध इसके उद्देश्य को सही तरीके से नहीं समझ पाने के कारण किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि समान नागरिक संहिता निश्चित रूप से लागू की जाएगी और कहा कि इसका सबसे ज्यादा लाभ मुस्लिम महिलाओं को मिल सकता है।
केरल में नई सरकार ने पेश किया पहला बजट
शुक्रवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार ने सत्ता में वापसी के बाद अपना पहला राज्य बजट पेश किया।
सरकार ने "पुथुयुग केरलम" यानी "नए युग का केरल" के निर्माण का रोडमैप पेश किया। इसमें तकनीक, बुनियादी ढांचे, कल्याणकारी योजनाओं, निवेश और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया।
हालांकि बजट पेश करते हुए सरकार ने पिछली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) सरकार पर गंभीर वित्तीय संकट छोड़ने का आरोप भी लगाया।